उत्तर दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके में मंगलवार सुबह हुए एक भीषण सिलेंडर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी। धमाका इतना जोरदार था कि एक मंजिला मकान देखते ही देखते जमींदोज हो गया। हादसे के बाद आसपास के लोग दहशत में आ गए और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के बीच दमकल और पुलिस की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
तेज धमाके के बाद ढह गई पूरी इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसके कुछ ही सेकंड बाद मकान भरभराकर गिर गया। घटना मुकुंदपुर-2 स्थित ईशु विहार की गली नंबर-1 की बताई जा रही है। हादसे के बाद आसपास धूल का गुबार छा गया और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
दमकल विभाग को मिली सूचना, शुरू हुआ रेस्क्यू
हादसे की सूचना सुबह करीब 9:30 बजे दमकल विभाग को मिली। सूचना मिलते ही राहत दल मौके के लिए रवाना हो गया। अधिकारियों के पहुंचने तक स्थानीय लोगों ने कई घायलों को बाहर निकाल लिया था। बाद में बचाव दल ने मलबा हटाने का काम शुरू किया और अंदर फंसे लोगों की तलाश तेज कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि पूरी तरह मलबा हटाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एलपीजी सिलेंडर में विस्फोट होने के कारण यह दुर्घटना हुई। करीब 250 वर्ग गज क्षेत्र में बना एक मंजिला मकान धमाके की चपेट में आकर पूरी तरह धराशायी हो गया। राहत टीम यह भी जांच कर रही है कि विस्फोट के समय भवन के भीतर कितने लोग मौजूद थे।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
घटना में कई लोग घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों ने तत्काल मानवता दिखाते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार छह लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। हालांकि उनकी स्थिति के बारे में मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। अस्पताल प्रशासन घायलों की निगरानी कर रहा है।
बर्तन पॉलिश का काम होता था भवन में
पुलिस की शुरुआती पड़ताल में पता चला है कि जिस भवन में विस्फोट हुआ, उसका उपयोग बर्तन पॉलिश करने के कार्य के लिए किया जाता था। फिलहाल हादसे के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे मंि फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना है।