
मुंबई पुलिस लालबागचा राजा में 10 दिनों तक लाखों की भीड़ एक सीमित क्षेत्र में उमड़ती है। इसमें सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती होती है। इस बार मुंबई पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एआई तकनीक का प्रयोग किया गया। इससे भीड़ प्रबंधन पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया। इस टेक्नोलॉजी के तहत सीसीटीवी कैमरों को एआई टूल्स से जोड़ा गया, जिससे रियल टाइम में यह जानकारी मिल रही थी कि कितने लोग एंट्री कर रहे हैं।
पुराने रिकॉर्ड वाले अपराधियों की पहचान की गई
कितने लोग बाहर निकल रहे हैं, और कहां भीड़ ज्यादा हो रही है। जैसे ही किसी इलाके में भीड़ बढ़ने लगती, तुरंत मौके पर तैनात पुलिस टीम को अलर्ट भेजा जाता और वहां व्यवस्था को संभाल लिया जाता। पुलिस ने बताया कि यह तकनीक केवल भीड़ नियंत्रण तक सीमित नहीं रही, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी इसने बड़ी भूमिका निभाई। फेस रिकग्निशन सिस्टम के जरिए पुराने रिकॉर्ड वाले अपराधियों की पहचान की गई। इसके कारण मोबाइल चोरी, चेन स्नैचिंग जैसे अपराधों में इस बार बड़ी गिरावट देखने को मिली।
नियंत्रण रखने में यह बेहद उपयोगी रहा
पुलिस ने 10 दिनों के दौरान करीब दस हजार लोगों का डेटा इकट्ठा किया। इसकी मदद से एक केस में आरोपी तक सीधा पहुंच बना ली गई। यह टेक्नोलॉजी अभी एक्सपेरिमेंटल लेवल पर इस्तेमाल की गई थी, लेकिन इसके परिणाम इतने अच्छे रहे कि पुलिस अब इसे भविष्य में बड़े स्तर पर लागू करने की योजना बना रही है। यहां पर पहली बार एआई का उपयोग किया और इसका असर साफ नजर आया। रियल टाइम डेटा से हमें तुरंत हालात की जानकारी मिल रही थी। भीड़ और अपराध दोनों पर नियंत्रण रखने में यह बेहद उपयोगी रहा।