
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) स्टेशन पर शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों की भीड़ उमड़ पड़ी। इससे स्टेशन परिसर में अफरातफरी के हालात बन गए। इस भीड़ को लेकर मध्य रेलवे ने अपने बयान में कहा, रेलवे ने पूरी सतर्कता बरती और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा, जैसे ही बरसात असर बढ़ा है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सीएसएमटी में शरण ली। हमारी ओर से सार्वजनिक घोषणा प्रणाली और अन्य माध्यमों से लगातार अपील की कि वे स्टेशन पर मौजूद नियमित यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न पहुंचाएं।
लापरवाही बड़ी परेशानी बन सकती है
कुछ प्रदर्शनकारी रेलवे पटरियों पर भी पहुंच गए थे। समय रहते आरपीएफ और रेलवे कर्मचारियों की तुरंत उन्हें सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर लौटा दिया गया। प्रदर्शनकारियों से सयंम बरतने की अपील की गई है। अपील में कहा गया, 'हम सभी आंदोलनकारियों से विनती करते हैं कि कोई भी ऐसा कार्य न करें, जिससे उन्हें या अन्य यात्रियों को नुकसान होगा। इस तरह की भीड़भाड़ में लापरवाही बड़ी परेशानी बन सकती है। स्टेशन पर करीब 240 आरपीएफ और जीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए हैं, वही, 95 एमएसएफ कर्मियों को विशेष निगरानी के लगाया गया है। ये सभी सुरक्षाकर्मी स्टेशन परिसर में निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। आपका आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कृपया ऐसा कोई कदम न उठाएं, जिससे यात्रियों को परेशानी हो या रेलवे संचालन में बाधा आए। सभी से निवेदन है कि संयम और शांति बनाए रखें।
लोकल ट्रेनों पर असर पड़ा
बारिश और भीड़भाड़ के कारण सीएसएमटी से चलने वाली कुछ लोकल ट्रेनों पर असर पड़ा है। हार्बर लाइन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 पर आने-जाने वाली ट्रेनें करीब 10-12 मिनट की देरी से चल रही हैं। वहीं, मध्य रेलवे की अन्य उपनगरीय ट्रेनें भी 7-8 मिनट तक लेट हैं। आपको बता दें कि मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू की। वही कार्यकर्ताओं ने आंदोलन के समर्थन में सीएसएमटी स्टेशन पर हंगामा करना शुरू कर दिया था।