
पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने महाराष्ट्र को थाम दिया है. हालत इतने गंभीर हैं कि मुंबई की रफ्तार भी थम गई. शहर में 24 घंटे के भीतर 300 मिमी तक बारिश दर्ज की गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया. मिटी नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई और प्रशासन को करीब 400 लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना पड़ा. हाईकोर्ट तक को आधे दिन के लिए बंद करना पड़ा. बता दें राज्य के नांदेड़ जिले में क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति बनी, जहां अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है SDRF और आर्मी की टीमों ने 290 से अधिक लोगों को बचाया, लेकिन कई लोग अब भी लापता हैं. मुजखेद-उदगीर रोड पर कार और ऑटो सवार सात लोग बह गए, जिनमें से चार की तलाश जारी है.
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CM ने लिया हालातों का जायजा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बारिश से बने हालात की समीक्षा की और माना कि अगले 48 घंटे बेहद अहम होंगे. उन्होंने कहा कि इस बारिश से 12 से 14 लाख एकड़ तक की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है. किसानों को भारी नुकसान हुआ है और कई मवेशियों की भी मौत हुई है. मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके साथ ही मुंबई में लोकल ट्रेनों की रफ्तार थम गई है. सायन-कुरला और सीएसएमटी-करला रूट बंद कर दिए गए हैं. कई बस रूट भी बदलने पड़े. हालात को देखते हुए BMC ने स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रखने का फैसला किया है. विदर्भ और कोकण क्षेत्र भी बारिश की मार झेल रहे हैं। गढ़चिरोली में 50 से अधिक गांव कट गए हैं.
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
वहीं कोल्हापुर में पंचगंगा नदी पांचवीं बार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. राधानगरी और चांदोली डैम से पानी छोड़े जाने के बाद आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम के कारण यह बारिश हो रही है. अगले दो दिनों में मुंबई और कोकण में हालात और बिगड़ सकते हैं. विदर्भ और मराठवाड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.