वो कहते हैं कि किस्मत से बढ़कर कुछ नहीं मिलता, कुछ ऐसा ही मुंबई इंडियंस के साथ, जिसे पंजाब किंग्स ने क्वालीफायर-2 में करारी शिकस्त दी, जिसके बाद हार्दिक पांड्या, रोहित समेत टीम के सभी खिलाड़ी मायूस दिखे. हालांकि मुंबई इंडियंस की टीम तो कई बार ट्रॉफी उठा चुकी है और इस बार बारी पंजाब किंग्स की है, ऐसा सोशल मीडिया पर फैंस भी कह रहे हैं.
नीता अंबानी के सामने पंजाब के 'शेरों' ने लगाई दहाड़
दरअसल मुंबई की टीम बहुत मजबूत है. बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी का जलवा दिखता है लेकिन इस बार पंजाब के शेरों ने जो बदला लेने की सौगंध खाई थी उस बदले को पूरा कर दिखाया है. मुंबई को इस तरीके से हराया कि मुंबई की मालकिन नीता अंबानी भी दंग रह गई. मुकाबले में पंजाब किंग्स ने टॉस जीता था और बिना देरी किए गेंदबाजी करने का निर्णय लिया लेकिन यह निर्णय इतना भी आसान नहीं था क्योंकि मुंबई के पास बैटिंग का लाइनअप बहुत तगड़ा है. मुंबई की तरफ से ओपनिंग करने उतरे रोहित शर्मा और बैरिस्टों ने ताबड़तोड़ शुरुआत देने की कोशिश की लेकिन रोहित शर्मा आउट हो गए और यहीं से पूरी कहानी पलटती चली गई रोहित के बाद तिलक वर्मा ने कमाल किया जबकि सूर्य कुमार यादव ने भी अपने बल्ले की धमक दिखाई. हार्दिक पांड्या ने भी तेजी से रन बनाने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो पाए जबकि नमनधीर ने अपने बल्ले का दमखम दिखाया और किसी तरीके से मुंबई को 203 रन के स्कोर तक पहुंचा दिया. इतना स्कोर कम नहीं था पंजाब के सामने.
अकेले श्रेयस अय्यर ने पलट दिया खेल
मुंबई की गेंदबाजी हर कोई जानता है कि मुंबई के पास कितने खतरनाक गेंदबाज हैं और देखिए जिस बात का डर नीता अंबानी को सता रहा था वही हुआ. शुरुआत में हालांकि पंजाब को पहला झटका 13 रन के स्कोर पर लग गया था. जिसके बाद प्रीति जिंटा भी सोच में पड़ गई थी कि आखिरकार इस मुकाबले में क्या होगा लेकिन उनको दूसरा झटका जब लगा जब प्रभु सिमरन सिंह भी आउट होकर पवेलियन चले गए. यहां से हर कोई उम्मीद छोड़ने लगा था कि अब तो खेल खत्म हो गया लेकिन असली कहानी को कैसे लिखा जाता है? कैसे तबाही मचाई जाती है? श्रेयस अय्यर से जाकर कोई पूछ ले. श्रेयश अय्यर एक ऐसा कप्तान जो कि जीत की गारंटी लेकर आता है. पिछली बार श्रेयस अय्यर ने कोलकाता को चैंपियन बनाया था और इस बार सौगंध खाकर आए हैं कि पंजाब किंग्स को वो चैंपियन बनाएंगे. जिस तरीके का बल्ला उनका चला जिस तरीके से रनों का हल्ला काट रहे थे. उसने सबका दिल जीत लिया. श्रेयस अयर ने इस मुकाबले को एक तरफ़ा बना दिया और सबसे अहम मुकाबले में अपनी टीम को जीत दिला दी. बता दें मुंबई से सिर्फ एक गलती ना होती तो यकीन मानिए मैच फिसल जाता.
एक कैच पड़ा जीत के लिए बहुत भारी
दरअसल जब नेल वडेरा सिर्फ 16 रन के स्कोर पर खेल रहे थे उस वक्त उनका कैच छूट गया और हार्दिक पांड्या निराश हो गए. उनको पता था कि ये खिलाड़ी कितना कमाल कर सकता है. नेहल वडेरा सबसे तेजी से बल्लेबाजी करने के लिए आए थे और उन्होंने जो सोचा था उसको करके दिखा दिया. बता दें कि नेहल वडेरा के बल्ले से दो और चार चौके आए. उन्होंने 29 गेंद में 48 रन की जबरदस्त पारी खेली और यही वो पारी रही जिसने मुंबई को कहीं का नहीं छोड़ा.