महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों की घोषणा होते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मुंबई और ठाणे जैसे बड़े महानगरों में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। चुनावी ऐलान के साथ ही बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है, जहां सीट बंटवारे, गठबंधन की मजबूती और प्रचार की दिशा पर चर्चा हो रही है। खासतौर पर मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह चुनाव राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है।
मुंबई में शिंदे गुट-बीजेपी की अहम बैठक
मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए शिवसेना शिंदे गुट और बीजेपी के बीच पहली औपचारिक बैठक होने जा रही है। इस बैठक में दोनों दलों के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे और सीट बंटवारे पर शुरुआती बातचीत की जाएगी। शिवसेना की ओर से 50–50 फॉर्मूले के साथ चर्चा शुरू करने की तैयारी है। पार्टी का तर्क है कि पिछले चुनावों में उसके पार्षदों की संख्या मजबूत रही है। वहीं बीजेपी इस बार 100 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरने की बात कर रही है। ऐसे में सीटों को लेकर सहमति बनाना दोनों दलों के लिए आसान नहीं माना जा रहा।
ठाणे में एकनाथ शिंदे एक्शन मोड में
ठाणे महानगरपालिका चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद उन्होंने ठाणे के सभी प्रमुख पदाधिकारियों, विधायकों और पूर्व पार्षदों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में चुनावी रणनीति, प्रचार अभियान और संभावित उम्मीदवारों को लेकर दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। चूंकि ठाणे में बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा जाना है, इसलिए सीट बंटवारे और साझा कैंपेन पर भी चर्चा की जाएगी। इस बैठक को ठाणे चुनाव का शुरुआती रोडमैप माना जा रहा है।
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कांग्रेस और अन्य दल भी हुए सक्रिय
महायुति की बैठकों के बाद कांग्रेस ने भी महानगरपालिका चुनाव को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। जिला कांग्रेस अध्यक्षों और विधानसभा प्रभारियों की बैठक बुलाकर संगठन को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। वहीं बीजेपी ने भी अपने घटक दलों के साथ अलग-अलग बैठकों का कार्यक्रम तय किया है। आरपीआई और शिवसेना के साथ होने वाली इन बैठकों में गठबंधन की रूपरेखा और चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी। कुल मिलाकर, महानगरपालिका चुनाव का ऐलान होते ही महाराष्ट्र की राजनीति पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है और आने वाले दिनों में सियासी हलचल और तेज होने के आसार हैं।