Crime News: आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में कृषि अधिकारी श्रीहरि की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह प्राकृतिक मौत नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। पुलिस के अनुसार, इस वारदात के पीछे संपत्ति विवाद मुख्य वजह था। आरोप है कि श्रीहरि के साले हरिकृष्णा ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी हरिकृष्णा की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर हत्या की साजिश और उसे अंजाम देने के पर्याप्त संकेत मिले हैं।
संपत्ति और पैसों के विवाद से शुरू हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, श्रीहरि ने अपने साले हरिकृष्णा पर भरोसा करते हुए उसे करोड़ों रुपये की संपत्ति सौंपी थी और उससे कुछ धन उधार भी लिया था। बाद में जब श्रीहरि ने अपनी संपत्ति और रकम वापस मांगी, तो हरिकृष्णा कथित तौर पर उन्हें लौटाना नहीं चाहता था। इसी विवाद के चलते उसने अपने बहनोई की हत्या की योजना बनाई और दो अन्य लोगों को इसमें शामिल किया। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूरी वारदात पहले से तय योजना के तहत अंजाम दी गई।
कार में ले जाकर इंजेक्शन देने का आरोप
जांच के मुताबिक, 15 जून को हरिकृष्णा श्रीहरि को धार्मिक दर्शन कराने के बहाने कार से पेंचलाकोना ले गया। लौटते समय रास्ते में कार रोककर उसके साथ मौजूद दो लोगों ने श्रीहरि को पकड़ लिया। इसके बाद हरिकृष्णा ने कथित रूप से उन्हें जहरीला इंजेक्शन लगाया, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस का आरोप है कि घटना को दिल का दौरा दिखाने की कोशिश की गई और शव को उनके पैतृक गांव ले जाया गया। बाद में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर भी परिवार के भीतर विवाद की बात सामने आई।
पत्नी की शिकायत के बाद खुली हत्या की परतें
शुरुआत में परिवार की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी, लेकिन श्रीहरि के शरीर पर चोट के निशान देखकर उनके सहकर्मियों ने संदेह जताया। कुछ समय बाद उनकी पत्नी लावण्या ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की दोबारा जांच शुरू हुई। जांच के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य आरोपी हरिकृष्णा अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।