
Dularchand Yadav in Mokama: मोकामा विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब स्थानीय नेता और लोकगायक दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पहलवानी और लोकगीतों के शौकीन दुलारचंद अपने गीत “नथुनिया के गुना टूटल ए राजा…” से मशहूर थे। हाल ही में उन्होंने चुनावी प्रचार के दौरान यह गीत गाया था। राजनीति में सक्रिय दुलारचंद यादव का प्रभाव गंगा के टाल क्षेत्र के यादव समुदाय में खासा था। वे कभी आरजेडी तो कभी जेडीयू नेताओं के करीबी माने जाते थे और क्षेत्रीय राजनीति की गहराइयों को समझने के लिए जाने जाते थे।
अनंत सिंह और सूरजभान से खुली अदावत
दुलारचंद यादव की पुरानी दुश्मनी बाहुबली नेता अनंत सिंह से थी। उन्होंने खुले मंच से कहा था कि “अब मोकामा में बड़ा सरकार पीयूष प्रियदर्शी हैं, छोटा नहीं।” बताया जा रहा है कि हत्या के पीछे यही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता वजह बन सकती है। इस बार मोकामा सीट से जेडीयू के उम्मीदवार अनंत सिंह और आरजेडी की वीणा देवी आमने-सामने हैं, जबकि जन सुराज पार्टी से पीयूष प्रियदर्शी मैदान में हैं। दुलारचंद हाल के दिनों में पीयूष के समर्थक के रूप में खुलकर सामने आए थे और अपने बयानों में अनंत सिंह और सूरजभान पर लगातार निशाना साध रहे थे।
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मोकामा बना सियासी हॉटस्पॉट
मोकामा की पहचान पहले से ही राजनीतिक हत्याओं और बाहुबली राजनीति के लिए रही है, और दुलारचंद यादव की हत्या ने इस माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। आरजेडी समर्थक होने के बावजूद उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर भी कई बार सवाल उठाए थे। पटना जिले के बाढ़ और घोषबरी थानों में उनके खिलाफ कई मामले दर्ज थे, लेकिन क्षेत्र में उनकी पकड़ अटूट थी। अब उनकी हत्या ने न सिर्फ मोकामा की चुनावी हवा बदल दी है, बल्कि यहां की जातीय और सियासी जंग को और पेचीदा बना दिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जबकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है—“मोकामा की राजनीति में एक और खून का अध्याय जुड़ गया