Musheer Khan Ranji Trophy Record : रणजी ट्रॉफी 2026-27 में मुंबई के युवा ऑलराउंडर मुशीर खान ने अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींच लिया है। हरियाणा के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने पहले बल्ले से शतक जड़ा और फिर गेंदबाजी में भी कमाल कर दिया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे मुशीर ने 109 रन बनाए। उन्होंने 185 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौके और एक छक्का लगाया। 21 साल के मुशीर का यह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पांचवां शतक है। वह अपने करियर का 21वां मुकाबला खेल रहे हैं।
गेंदबाजी में छह विकेट लेकर मचाया कहर
मुशीर खान ने बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में भी अपनी ताकत दिखाई। बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज मुशीर ने हरियाणा की पहली पारी में छह विकेट झटके। उन्होंने कप्तान अंकित राजेश कुमार को आउट करने के बाद हिमांशु राणा, धीरू सिंह, यशवर्धन दलाल, पार्थ वत्स और अमन कुमार को पवेलियन भेजा। यह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। उन्होंने दूसरी बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया।
मुंबई ने पहली पारी में बनाया बड़ा स्कोर
मुंबई और हरियाणा के बीच यह मुकाबला मुंबई की शरद पवार क्रिकेट अकादमी, बीकेसी में खेला जा रहा है। मुंबई ने अपनी पहली पारी में 430 रन बनाए। इसके जवाब में हरियाणा की टीम 270 रन पर सिमट गई। इस तरह मुंबई को पहली पारी में बढ़त मिली और टीम ने हरियाणा को फॉलोऑन देने का फैसला किया। मुशीर के शतक और छह विकेट ने मुकाबले में मुंबई की स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
रवि शास्त्री की बराबरी वाले क्लब में शामिल
मुशीर खान के इस प्रदर्शन ने उन्हें मुंबई क्रिकेट के उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर दिया है, जिन्होंने एक ही प्रथम श्रेणी मैच में शतक बनाने के साथ पांच विकेट भी लिए। मुंबई के लिए इससे पहले यह कारनामा रवि शास्त्री ने किया था। 1990-91 के रणजी सत्र में शास्त्री ने मध्य प्रदेश के खिलाफ इंदौर में 158 रन बनाए थे और गेंदबाजी में पांच विकेट भी हासिल किए थे। अब मुशीर ने भी इसी खास उपलब्धि को दोहराकर अपना नाम इस सूची में दर्ज करा लिया है।
मुंबई के दिग्गजों की खास सूची
मुंबई क्रिकेट के इतिहास में एक ही मैच में शतक और पांच विकेट लेने का कारनामा कई बड़े खिलाड़ी कर चुके हैं। इस सूची में सबसे पहले मदन रायजी का नाम आता है, जिन्होंने 1947-48 के सत्र में महाराष्ट्र के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी। इसके बाद दत्तू फडकर, वीनू मांकड़ और पॉली उमरीगर जैसे दिग्गज भी यह कारनामा कर चुके हैं। रवि शास्त्री के बाद मुशीर खान का नाम इस खास सूची में जुड़ना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।
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मुशीर के प्रदर्शन से बढ़ीं उम्मीदें
कम उम्र में बल्ले और गेंद दोनों से प्रभाव छोड़ने वाले मुशीर खान ने दिखाया है कि वह मुंबई के लिए एक उपयोगी ऑलराउंडर बन सकते हैं। हरियाणा के खिलाफ 109 रन और छह विकेट का प्रदर्शन उनके कौशल और क्षमता को दर्शाता है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका पांचवां शतक और सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन उनके करियर के लिए अहम पड़ाव हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि वह इस प्रदर्शन को आगे के मुकाबलों में भी जारी रख पाते हैं या नहीं।