मेरठ। प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर चार टुकड़ कर नीले ड्रम में भरने वाली मुस्कान मेडिकल कालेज से डिस्चार्ज होने के बाद बुधवार को जेल आ गई है। जैल मेनुअल के हिसाब से मुस्कान के साथ उसकी मासूम बेटी राधा साथ छह साल तक जेल में रह सकती है। उधर, जेल में आने के बाद से लेकर दूसरी बेटी को जन्म देने तक मुस्कान से आज तक परिवार का कोई सदस्य मिलने नहीं आया है। जेल पहुंची मुस्कान और उसकी बेटी की देखभाल के लिए जेल प्रशासन एक टीम बनाई है, जो समय-समय पर जच्चा-बच्चा का मेडिकल चेकअप के साथ-साथ डाइट का ध्यान रखेंगी।
ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में 3 मार्च को सौरभ की उसकी पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल राजपूत के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसकी लाश को नीले रंग के प्लास्टिक के ड्रम में भर दिया था और लाश को चार टुकड़ों में काटकर ड्रम में ऊपर से सीमेंट और बालू के घोल डाल दिया था। इसके बाद मुस्कान प्रेमी साहिल के साथ घूमने के लिए कैब बुक करके हिमाचल व उत्तराखंड चली गई थी। 17 मार्च को जब दोनों लौट कर आए तो सौरभ हत्याकांड का राजफाश हुआ। 18 मार्च को पुलिस ने मुस्कान व साहिल को गिरफ्तार किया था। 19 मार्च से मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल जेल में हैं।
छह साल तक मुस्कान के साथ जेल में रहेगी बच्ची
जेल अधीक्षक डा.वीरेश राज शर्मा ने बताया, 23 नवंबर की रात को मुस्कान का जेल के डॉक्टरों ने चेकअप किया। फिर अल्ट्रासाउंड के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया था। मुस्कान को गायनिक वार्ड में भर्ती कराया गया था। 24 नवंबर की शाम 6.50 बजे डाक्टरों की टीम ने नॉर्मल डिलीवरी कराई था। बताया, मुस्कान जब से जेल आई है उससे मुलाकत करने के लिए परिवार का कोई भी सदस्य ना तो जेल में आया और ना ही बेटी पैदा होने के बाद मेडिकल कालेज में मिलने आए। उन्होंने बताया, यूपी जेल मैनुअल में प्रावधान है कि जेल में 6 साल तक का बच्चा अपनी मां या फिर दादी के साथ रह सकता हैं। जेल में बच्चों के खेलने की व्यवस्था भी है। आंगनवाड़ी में बच्ची का रजिस्ट्रेशन होता है, उसे शिक्षामित्र और टीचर के जरिए यहीं पढ़ाया जाता है। जेल अधीक्षक ने बताया, छह साल के बाद बच्ची को परिवार के सदस्य अपने साथ रख सकते है। हालांकि अभी मुस्कान से कोई मिलने नहीं आया है, ऐसे में भविष्य में बच्ची को लेकर समस्या हो सकती है, लेकिन सौरभ के भाई राहुल ने बच्ची का डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है, ताकि पता चल सके कि बच्ची किसकी है। राहुल का कहना था कि अगर बच्ची राहुल की हुई तो वह उसे अपना लेंगे।
जेल पहुंचते ही मुस्कान ने दाल-रोटी खाई
जेल अधीक्षक ने बताया, मुस्कान के परिजनों ने आज तक कोई संपर्क नहीं किया है। इसलिए बच्ची की दवाएं, कपड़े और जो भी जरूरी सामान है, उसकी व्यवस्था जेल प्रशासन की ओर से ही की जा रही। मेडिकल कालेज से डिस्चार्ज होने के बाद जेल के डॉक्टर्स ने मुस्कान, उसकी बेटी का हेल्थ चेकअप किया और हेल्थ डिटेल्स देखी। इसके बाद उन्हें जेल में दाखिल किया गया। जेल में आने के बाद मुस्कान ने एक रोटी, एक कटोरी दाल और एक कटोरी दलिया खाया। बच्ची का पहला वेक्सीनेशन हो चुका है। समय-समय पर बच्ची का मेडिकल चेकअप भी कराया जाएगा।
विवेचक बाहर होने के कारण सौरभ हत्याकांड में नहीं हुई गवाही
सौरभ राजपूत हत्याकांड की सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही है। बुधवार को विवेचक की गवाही होनी थी, लेकिन विवेचक के बाहर होने के कारण गवाही नहीं हो सकी। इस हत्याकांड अब तक 13 लोगों की गवाही हो चुकी है। 14वें गवाह केस के विवेचक है। डीजीसी क्रिमिनल केके चौबे ने बताया, बुधवार को सौरभ हत्याकांड में विवेचक को गवाही के लिए बुलाया था, लेकिन उनके बाहर होने के कारण आज सुनवाई टल गई है।