योगी राज में प्रशासन लगातार एक के बाद एक ऐसे एक्शन ले रहा है जिसने लोगों के दिलों में खौफ भर दिया है, लेकिन हाल ही में भारत नेपाल सीमा से सटे महाराजगंज के मैनहवा गांव में कुछ ऐसा हुआ जिसने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है, दरअसल एक मस्जिद जो सालों से सरकारी जमीन पर खड़ी थी अचानक ग्रामीणों और मस्जिद कमेटी ने मिलकर जेसीबी से ढहा दी. ये कोई साधारण घटना नहीं थी. आखिर ऐसा क्या हुआ कि गांव वालों ने खुद ये कदम उठाया. क्या इसके पीछे कोई नोटिस था या कोई बड़ा रहस्य? इस आर्टिकल में आपको बताते हैं
बुलडोजर से करवाई मस्जिद जमींदोज
दरअसल महाराजगंज की फरेदा तहसील के मेहनवा गांव की घाटा संख्या 108/0.78 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर बनी एक मस्जिद को 27 मई 2025 को ग्रामीणों ने ध्वस्त कर दिया. ये मस्जिद 0.018 हेक्टेयर जमीन पर थी और कई सालों से चल रही थी. बता दें योगी सरकार के निर्देश पर भारत नेपाल सीमा के 10 कि.मी. दायरे में बने अवैध धार्मिक स्थलों को हटाने का अभियान चल रहा है. इसी के तहत प्रशासन ने इस मस्जिद को अवैध घोषित कर नोटिस भेजा था. नोटिस मिलने के बाद मस्जिद कमेटी और गांव वालों ने फैसला लिया कि वो खुद ही इसे हटा लेंगे. कुलूही थाने की मौजूदगी में जेसीबी ने मस्जिद को जमींदोज कर दिया और पूरी कारवाई शांतिपूर्ण रही.
ग्रामीणों ने दिया JCB चलवाकर एक बड़ा संदेश
लेकिन सवाल यह है कि ग्रामीणों ने खुद यह कदम क्यों उठाया? खबरों की मानें तो योगी सरकार ने सीमा क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर सख्ती दिखाई है. महाराजगंज, बहराइच और सिद्धार्थ नगर जैसे जिलों में अवैध मस्जिदों, मदरसों और मंदिरों को चिन्हित किया गया है. कई जगह प्रशासन ने बुलडोजर चलाया. लेकिन मैनहवा में ग्रामीणों ने खुद जिम्मेदारी ली. ये कदम ना केवल कानून के प्रति सम्मान दिखाता है बल्कि सामुदायिक एकता की मिसाल भी पेश करता है. मैनहवा की ये घटना एक संदेश देती है कि कानून के सामने सभी बराबर हैं.