Former ASI Chief KK Mohammed: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व रीजनल डायरेक्टर पद्मश्री केके मोहम्मद ने मुसलमानों को मथुरा व काशी के हिन्दुओं के धर्मस्थलों पर से अपने कब्जे का दावा छोडने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि काशी-मथुरा हिन्दुओं का मक्का मदीना है इसलिए मुस्लिम दावा छोडें। साथ ही उन्होंने हिन्दुओं से भी कहा है कि वह हर मस्जिद के पीछे न पडें।
हिन्दु समुदाय को सौंप देना चाहिए
केके मोहम्मद ने अयोध्या में राम जन्मभूमि को लेकर चले विवाद के दौरान विवादित स्थल की खोदाई में हिस्सा लिया था और साक्ष्य जुटाए थे। एक मीडिया समूह से बातचीत में मोहम्मद ने कहा कि हिन्दू समुदाय के लिए अयोध्या का राम मंदिर, काशी का विश्वनाथ मंदिर और मथुरा का श्रीकृष्ण जन्म भूमि मंदिर बिल्कुल वैसा ही है जैसे कि मुसलमानों के लिए मक्का मदीन। ऐसे में मुस्लिम समुदाय को यहां मौजूद ज्ञानवापी मस्जिद और जामा मस्जिद को हिन्दु समुदाय को सौंप देना चाहिए।
एक प्रमुख भारतीय पुरातत्वविद् हैं
के.के. मुहम्मद (पूर्ण नाम: करिंगमन्नु कुझियिल मुहम्मद) एक प्रमुख भारतीय पुरातत्वविद् हैं, जिनका जन्म 1 जुलाई 1952 को हुआ था। वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) रहे और 2012 में इस पद पर कार्यरत होकर उसी वर्ष सेवानिवृत्त हुए।
उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में तकनीकी सहायक और सहायक पुरातत्वविद् के रूप में कार्य प्रारंभ किया, फिर 1988 में चेन्नई और 1991 में गोवा में डिप्टी सुपरिंटेंडिंग आर्कियोलॉजिस्ट रहे। 1997 में प्रमोशन के बाद बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और दिल्ली में पुरातत्व अधीक्षक के पदों पर सेवा दी।
बटेश्वर कॉम्प्लेक्स की बहाली की
प्रमुख उपलब्धियाँ मुहम्मद को इबादत खाना की खोज और विभिन्न बौद्ध स्तूपों व स्मारकों की पहचान का श्रेय मिलता है। उन्होंने केरल के कालीकट व मलापुरम में रॉक-कट गुफाएँ, छाता पत्थर, सिस्ट्स व डोलमेंस खोजे, साथ ही बटेश्वर कॉम्प्लेक्स की बहाली की, जहाँ नक्सलियों व डकैतों का सहयोग लिया। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा क्षेत्र में नक्सल प्रभावित बारसूर व समलूर मंदिरों का जीर्णोद्धार किया। हाल ही में उन्होंने मथुरा व ज्ञानवापी (काशी) जैसे स्थलों को हिंदुओं को सौंपने की सलाह दी, ताकि वहाँ मंदिर निर्माण हो सके, जबकि मुसलमानों के लिए मक्का-मदीना पर्याप्त हैं। वे आगा खान ट्रस्ट में पुरातात्विक परियोजना निदेशक भी रहे।