मुजफरनगर के पंडित जी वैष्णो ढाबा विवाद ने कांवड़ यात्रा के दौरान एक नया विवाद उभारा है. वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि स्वामी यशवीर महाराज के समर्थकों ने ढाबे के कर्मचारी ग़ोपाल असली नाम तजम्मुल से उनकी धार्मिक पहचान साबित करने के लिए पैंट उतारने की कोशिश की. इस घटना के बाद पुलिस ने छह आरोपियों जिनमें स्वामी के आश्रम से जुड़े लोग शामिल हैं उनको नोटिस जारी कर थाने बुलाया और ढाबा मालिक सनव्वर, उनके बेटे आदिल, कर्मचारी जुबैर सहित पांच अन्य के खिलाफ मारपीट और छेड़छाड़ के आरोप में FIR भी दर्ज की है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी ऐसे अवैध पहचान अभियान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
विवाद ने पकड़ा तूल
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा से पहले एक विवाद ने तूल पकड़ लिया है, जब पंडित जी वैष्णो ढाबा के मालिकों और कर्मचारियों से उनकी धार्मिक पहचान की जबरदस्ती जांच की गई. इस घटना की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई और अब पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मजबूत कदम उठाए हैं.
क्या हुआ था?
कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थानीय हिंदू संगठन के कुछ लोग, जिनकी टीम में स्वामी यशवीर महाराज के अनुयायी शामिल थे, ढाबे पर पहुंचे और आरोप है कि उन्होंने मालिक सनव्वर, बेटे आदिल, कर्मचारी जुबैर और अन्य लोगों से पैंट उतारकर उनकी धार्मिक पहचान जांचने की कोशिश की. यह ‘पहचान अभियान’ यात्रा मार्ग पर जगह-जगह फैल रहे ढाबों की धार्मिक पहचान की जांच के लिए बताया जा रहा है.
ढाबा मालिक समेत किन पर की कार्रवाई
ढाबे के पूर्व मैनेजर धर्मेंद्र की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सनव्वर, आदिल, जुबैर समेत ढाबे से जुड़े अन्य दो लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. साथ ही जो लोग इस पहचान-तलाशी अभियान में शामिल थे — जिनमें राकेश, सनी, सुमित बहरागी, विवेक, रोहित नाम शामिल हैं. उन्हें भी नोटिस जारी कर तलब किया गया है. पुलिस अन्य वीडियो में दिख रहे शख्सों की भी पहचान कर रही है.
अब तक क्या हुआ?
मुजफ्फरनगर पंडित जी वैष्णो ढाबा विवाद में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहचान करने वालों और ढाबा कर्मचारियों दोनों पर कार्रवाई सुनिश्चित की है. यह घटना धार्मिक पहचान की जांच और सहिष्णुता के दायरे में सवाल खड़े करती है. प्रशासन की भूमिका शांतिपूर्ण मामला संचालित करने की रही है, लेकिन इस तरह के अभियान स्थानीय तनाव और विवादों का कारण बन सकते हैं.