सरधना थाना क्षेत्र में रोंगटे खड़े कर देने वाली जघन्य वारदात हुई। अगवा करने के बाद मुजफ्फरनगर के एक युवक की हत्या कर उसकी पहचान मिटाने के लिए शव को जला दिया। अगर समय रहते चौकीदार की स्कूल के पास जल रही आग पर नजर नहीं पड़ती तो पुलिस को अगले दिन कंकाल ही मिलते। युवक ने आखिरी बार परिजनों को मोबाइल पर सूचना दी थी कि उसका राणा चौक पर झगड़ा हो गया है, तभी से परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
आग जलती देखकर चौकीदार वहां पहुंचा
सरधना थाना क्षेत्र में आक्खेपुर-रार्धना रोड पर किसान पब्लिक स्कूल है। इस स्कूल के पास सोमवार देर रात आग जलती देखकर चौकीदार वहां पहुंचा। पास जाकर देखा आग में हाथ की अंगुली जलती दिखाई दी। यह देखकर चौकीदार ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर ग्रामीण आ गए। चौकीदार ने उन्हें पूरी जानकारी दी। ग्रामीणों ने भी आग में हाथ की अंगुली देखकर उसे बुझाना शुरू कर दिया और पुलिस को घटना की जानकारी दी। आग में युवक शव जलाने की सूचना मिलते ही सरधना थाना पुलिस के अलावा, सीओ सरधना आशुतोष कुमार और बाद में एसपी देहात अभिजीत कुमार भी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के बाद शव को बाहर निकाला, जो काफी जल चुका था। रात में ही पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को मौके पर बुला लिया। शव की पहचान नहीं होने पर पुलिस उसे मोर्चरी भेज दिया और आसपास के जिलों की पुलिस को इसकी सूचना भेज दी।
युवक घर पर झगड़े की सूचना नहीं देता तो पता नहीं चलता
मंगलवार को परिजनों ने युवक की पहचान रानू पुत्र सुरेंद्र निवासी वाल्मीकि मोहल्ला मुजफ्फरनगर के रूप में की। परिजनों ने पुलिस को बताया,सोमवार रात रानू से मोबाइल पर बताया था कि राणा चौक पर उसका झगड़ा हो गया है। जानकारी मिलने पर परिजन राणा चौक पहुंचे, लेकिन रानू नहीं मिला। इसके कुछ देर बाद परिजनों ने रानू का फिर से मोबाइल मिलाया तो वह बंद मिला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी और इसी के कारण शव की पहचान हो सकी। सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया, कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जल्द वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।