बिहार के मुजफ्फरपुर में एक निजी अस्पताल में हुई भीषण आग की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। अस्पताल के आईसीयू में देर रात लगी आग के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में कई मरीज धुएं और आग की चपेट में आ गए। प्रशासन ने अब तक 5 मौतों की पुष्टि की है, जबकि कई अन्य मरीजों का इलाज जारी है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
ICU में लगी आग, मरीजों में मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार आग अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर स्थित आईसीयू में लगी। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को हादसे की वजह माना जा रहा है। देर रात अचानक धुआं फैलने से मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। कुछ ही मिनटों में पूरा वार्ड धुएं से भर गया, जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए।
दमकल टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल को ऊपरी मंजिल तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर अंदर फंसे मरीजों को बाहर निकाला गया। कई मरीजों को तत्काल एम्बुलेंस के जरिए दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार आग पर काबू पा लिया गया है और राहत कार्य पूरा कर लिया गया है।
मौतों का आंकड़ा बढ़ा, घायलों का इलाज जारी
प्रशासन की ओर से पांच लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। वहीं कई लोग गंभीर रूप से झुलसे और धुएं से प्रभावित हुए हैं। घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और परिजनों को सूचना दी जा रही है।
अस्पताल प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप
हादसे के बाद कई परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि आपात स्थिति के दौरान अस्पताल का पर्याप्त स्टाफ मौजूद नहीं था। वहीं प्रशासन को भी कुछ मरीजों के लापता होने संबंधी शिकायतें मिली हैं। इन सभी आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है।
मुआवजे का ऐलान, जांच के आदेश
राज्य सरकार ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि यदि अस्पताल प्रबंधन की किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हादसे के कारणों और सुरक्षा मानकों की पड़ताल जारी है।