Rajasthan Mysterious Illness: राजस्थान के नवगठित सलूंबर जिले में एक अज्ञात बीमारी ने कोहराम मचा रखा है। पिछले 7 दिनों के भीतर दो गांवों घाटा और लालपुरा में अब तक कुल 7 बच्चों की मौत हो गई है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 17 से अधिक नए संदिग्ध मरीजों की पहचान की है, जिनका उपचार जारी है। चिकित्सा विभाग ने बच्चों की मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया, लेकिन एक बच्चे के परिजन ने उल्टी के बाद मौत की पुष्टि की है। एक बच्चा महज दो माह का है, इससे कारणों का पता नहीं चल पाया।
मौत के कारणों का खुलासा नहीं हुआ
प्रारंभिक जांच में बच्चों की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हुआ। पूछताछ व जांच में सभी को उल्टी, ताण (दौरे), बेहोशी की लक्षण सामने आए। चिकित्सा विभाग ने एक मृतक व 18 अन्य बच्चों के ब्लड सेम्पल लेकर न्यूरो पैनल (दिमागी बुखार) की जांच करवाई, इनमें सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई। इसके बाद मौतों का रहस्य और गहरा गया है। जांच टीम अब किसी दवा के साइड इफेक्ट, अन्य बीमारी या फूड पॉइजनिंग की आशंका पर भी जांच कर रही है।
विशेषज्ञों की एक टीम मौके पर पहुंची
राज्य सरकार के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर सर्वे कर रही हैं। उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज से विशेषज्ञों की एक टीम मौके पर पहुंच चुकी है। टीमों ने घर-घर जाकर 429 परिवारों का सर्वे किया। इनमें 17 और नए बच्चे बीमार मिले। उन्हें हल्का बुखार के लक्षण थे। प्राथमिक जांच के बाद आठ बच्चों को भर्ती किया, इनमें पांच को उदयपुर बाल चिकित्सालय रेफर किया।
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एहतियाती कदम
प्रभावित गांवों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव शुरू कर दिया गया है। पशुपालन विभाग की टीमों ने भी पशुशालाओं में कीटाणुनाशक का छिड़काव किया है ताकि संक्रमण के हर संभावित स्रोत को खत्म किया जा सके।
7 बच्चों की मौत
गौरतलब है कि इस बीमारी से 31 मार्च को लालपुरा निवासी दीपक मीणा (5) सीमा मीणा (3) तथा 5 अप्रेल को घाटा निवासी राहुल मीणा (4), काजल मीणा (5) व लालपुरा निवासी लक्ष्मण मीणा (7) की मौत हो गई थी। दीपक व लक्ष्मण दोनों सगे भाई थे। वहीं मंगलवार सुबह रौनक (4.5) और बंशी (2 माह) की अस्पताल आने से पहले ही मौत हो गई थी। परिजन ने बताया कि जिला अस्पताल लाने से पहले बच्ची का निजी अस्पताल में उपचार कराया था।