Mysterious Lion Deaths: गुजरात के गिर क्षेत्र में लगातार शेरों की मौत के मामलों ने वन विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मई 2026 में अब तक आठ शेरों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। शुरुआती जांच में बेबेसिया संक्रमण की आशंका जताई गई थी, लेकिन अब कैनाइन डिस्टेंपर वायरस यानी CDV को भी संभावित वजह माना जा रहा है। वन विभाग ने सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
संक्रमण रोकने के लिए बढ़ाई गई निगरानी
वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में गिर के विभिन्न इलाकों में शेरों की मौत हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र के 10 किलोमीटर दायरे में रहने वाले शेरों को निगरानी में रखा गया है। वन विभाग की टीमें लगातार इलाके का दौरा कर रही हैं और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री स्तर पर हो रही मॉनिटरिंग
राज्य सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसके बाद गांधीनगर से विशेष वन विभाग टीम गिर भेजी गई। अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री खुद हालात पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार तथा अन्य संस्थाओं से भी मदद ली जाएगी। अधिकारियों ने दावा किया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
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शेरों में दिख रहे बीमारी के लक्षण
वन विभाग के अनुसार संक्रमित शेरों में कमजोरी, बुखार, खून की कमी और सुस्ती जैसे लक्षण देखे गए हैं। कई शेरों की आंखों और नाक से पानी निकलने की शिकायत भी सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेबेसिया और CDV जैसे संक्रमण जानवरों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर कर देते हैं, जिससे उनकी हालत तेजी से बिगड़ सकती है।
वन विभाग का सर्विलांस अभियान जारी
गिर ईस्ट और गिर वेस्ट के अलग-अलग जोन में विशेष सर्विलांस अभियान शुरू किया गया है। एनिमल केयर सेंटर में भर्ती शेरों और अन्य वन्यजीवों की भी लगातार निगरानी की जा रही है। मृत शेरों के सैंपल गांधीनगर की लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। वन विभाग का कहना है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।