मध्य प्रदेश के पन्ना शहर में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब धरम सागर तालाब की गहराई से अचानक एक प्राचीन नंदी प्रतिमा प्रकट हुई। ये कोई सामान्य मूर्ति नहीं, बल्कि 10वीं शताब्दी की सफेद पत्थर से बनी अलंकृत प्रतिमा है, जिसकी नक्काशी इतनी बारीक और सुंदर है कि देखने वाले हैरान रह गए। अब पन्ना में उस मूर्ती को देखने वालों की भीड़ लगी है. आपको बता दें कि स्थानीय श्रमिक तालाब की सफाई के लिए खुदाई कर रहे थे, तभी उनके औज़ार किसी ठोस चीज़ से टकराए। जब मिट्टी हटाई गई, तो धीरे-धीरे एक नंदी की आकृति सामने आई—मानो सदियों की नींद से जागकर इतिहास खुद बोल उठा हो।
प्रतिमा में छिपा इतिहास का रहस्य!
पुरातत्व विभाग ने मौके पर पहुंचकर प्रतिमा को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला और उसका प्रारंभिक अध्ययन किया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रतिमा पन्ना क्षेत्र की उस कलात्मक समृद्धि की गवाही देती है जो अब तक इतिहास की धुंध में छिपी थी। सफेद पत्थर की यह मूर्ति संभवतः किसी प्राचीन शिव मंदिर का हिस्सा रही होगी, जो अब तालाब के नीचे समा चुका है।
क्या तालाब की गहराई में छुपा है कोई प्राचीन मंदिर?
इस रहस्यमयी खोज ने नई संभावनाओं को जन्म दिया है। क्या धरम सागर तालाब के नीचे कोई पुराना मंदिर परिसर दबा हुआ है? क्या यह प्रतिमा किसी खास राजा या काल से जुड़ी है? इन सवालों के जवाब के लिए पुरातत्व विभाग अब विस्तृत अध्ययन की योजना बना रहा है।
स्थानीयों में कौतूहल, इतिहासकारों में उत्साह
यह खोज न सिर्फ इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए अहम है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी किसी चमत्कार से कम नहीं। लोगों की भारी भीड़ अब धरम सागर तालाब की ओर उमड़ रही है, एक झलक उस नंदी प्रतिमा को देखने के लिए जिसने पन्ना के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
अभी और राज़ खुलने बाकी हैं
इस रहस्यमयी खोज ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि पन्ना की धरती के नीचे अब भी कई अनकहे इतिहास छिपे हैं। क्या अगली खुदाई और चौंकाने वाले रहस्य उजागर करेगी? यह तो समय ही बताएगा।