महाराष्ट्र के नागपुर जिले में स्थित सोलर एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड (Solar Explosives Limited) के प्लांट में आधी रात जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई जबकि 17 मजदूर घायल हुए, जिनमें चार की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। धमाका इतना भीषण था कि मलबा और इमारत के टुकड़े 500 मीटर दूर तक जा गिरे। पिछले दो सालों में नागपुर और आसपास के विस्फोटक कारखानों में हुए हादसों में अब तक 20 से ज्यादा कर्मचारियों की जान जा चुकी है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, यह विस्फोट सोलर एक्सप्लोसिव्स के PP-15 यूनिट के CB-1 प्लांट में हुआ, जहां HMX, TNT और RDX जैसे विस्फोटक बनाए जाते हैं। देर रात करीब 12:35 बजे प्लांट में धुआं उठता दिखाई दिया। कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई। हालांकि, आरएनडी लैब में मौजूद कर्मचारी मयूर की मौके पर ही मौत हो गई।
धमाके की भयावहता
धमाके की ताकत इतनी जबरदस्त थी कि कंपनी की सुरक्षा दीवारें टूट गईं और मलबा नागपुर-अमरावती राष्ट्रीय राजमार्ग और उसके पार के खेतों तक जा पहुंचा। कई घायल कर्मचारियों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि हादसे की जांच की जाएगी और प्राथमिक कारण सिस्टम खराबी या मानवीय गलती हो सकते हैं।
दो साल में 20 से ज्यादा मौतें
विस्फोटक फैक्ट्रियों में हादसे नई बात नहीं हैं।
17 दिसंबर 2023 को इसी कंपनी में हुए धमाके में 9 कर्मचारियों की मौत हुई थी।
13 जून 2024 को अमरावती रोड पर स्थित चामुंडी एक्सप्लोसिव्स कंपनी में विस्फोट में 9 श्रमिकों ने जान गंवाई थी।
24 जनवरी 2025 को भंडारा जिले की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में धमाके से 7 मजदूर मारे गए थे।
लगातार हो रहे इन हादसों ने फैक्ट्री सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों की चिंता
इन कंपनियों के आसपास रहने वाले लोग लंबे समय से सुरक्षा इंतजामों की कमी पर चिंता जताते आ रहे हैं। लेकिन हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हर बार जांच और कार्रवाई का वादा होता है, मगर हालात जस के तस बने हुए हैं।