Nail Cleaning Tips : हाथों और पैरों के नाखूनों की खूबसूरती बनाए रखने के लिए उनकी नियमित सफाई करना जरूरी है. रोजमर्रा के कामों के दौरान नाखूनों के नीचे मिट्टी, धूल और दूसरी गंदगी जमा हो सकती है. खासकर पैरों के नाखूनों में गंदगी जमा होने की समस्या अधिक देखने को मिलती है। अगर नाखूनों की साफ-सफाई पर ध्यान न दिया जाए, तो वहां बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव पनपने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए नाखूनों को साफ रखने के साथ उनकी सही देखभाल करना भी जरूरी है.
गुनगुने पानी से करें नाखूनों की सफाई
नाखूनों में जमा गंदगी को साफ करने के लिए सबसे पहले हाथों या पैरों को गुनगुने पानी में कुछ मिनट के लिए भिगोएं. इससे नाखूनों के आसपास जमा मिट्टी और मैल को हटाना आसान हो जाता है। इसके बाद हल्के साबुन की मदद से नाखूनों और उनके आसपास की त्वचा को धीरे-धीरे साफ करें। ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा रूखी हो सकती है.
सॉफ्ट नेल ब्रश का करें इस्तेमाल
अगर पैर के नाखूनों के नीचे मिट्टी जमा हो गई है, तो उसे निकालने के लिए मुलायम नेल ब्रश का इस्तेमाल कर सकते हैं. ब्रश से नाखूनों के नीचे हल्के हाथों से सफाई करें. ज्यादा दबाव डालने या किसी नुकीली चीज से गंदगी निकालने से बचें। ऐसा करने से नाखूनों के नीचे की नाजुक त्वचा को चोट लग सकती है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
नाखूनों को सही तरीके से काटें
बढ़े हुए नाखूनों में गंदगी आसानी से जमा हो सकती है. इसलिए समय-समय पर नाखूनों को साफ नेल कटर से काटना चाहिए. पैरों के नाखूनों को बहुत छोटा काटने या किनारों को गहराई तक काटने से बचें. नाखूनों को सीधा काटना बेहतर रहता है, ताकि उनके किनारों पर चोट लगने या नाखून के त्वचा में धंसने की आशंका कम हो.
सफाई के बाद नाखूनों को सुखाना न भूलें
नाखून साफ करने के बाद हाथों और पैरों को साफ तौलिए से अच्छी तरह सुखाएं। खासकर पैर की उंगलियों के बीच नमी जमा न रहने दें. लगातार नमी रहने से फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। पैरों को सूखा रखने के लिए साफ मोजे पहनें और समय-समय पर उन्हें बदलते रहें.
नाखूनों की देखभाल के लिए अपनाएं ये आदतें
नाखूनों को साफ रखने के लिए रोजाना नहाते समय उनकी सफाई करें। अपने नेल कटर और नेल ब्रश को साफ रखें और उन्हें दूसरों के साथ साझा करने से बचें. नाखून चबाने या दांतों से गंदगी निकालने की आदत से भी बचना चाहिए। यदि नाखूनों में लगातार दर्द, सूजन, बदरंगपन या असामान्य मोटापन दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लें.