उत्तराखंड के नैनीताल जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। भवाली क्षेत्र के सेनेटोरियम-रातीघाट बाईपास रोड पर एक कार अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, एसएसबी और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल बताए गए हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
भवाली बाईपास रोड पर हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 2:15 बजे भवाली स्थित ढैला गांव के पास कार अचानक अनियंत्रित हो गई और लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के दौरान वाहन एक पेड़ से टकराकर रुक गया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। आसपास मौजूद लोगों ने जब तेज आवाज सुनी तो वे तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े और पुलिस को सूचना दी।
राहत अभियान में जुटीं पुलिस और SDRF की टीमें
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और एसएसबी की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने रस्सियों की मदद से खाई में उतरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद सभी शवों को बाहर निकाला गया। दुर्घटना स्थल पर हालात बेहद दर्दनाक थे और स्थानीय लोग भी राहत कार्य में प्रशासन का सहयोग करते दिखाई दिए।
एक ही परिवार के चार लोगों की गई जान
हादसे में जान गंवाने वाले लोग उधम सिंह नगर जिले के खटीमा निवासी बताए गए हैं। मृतकों में भूपेंद्र सिंह चुफाल, उनकी पत्नी सीमा कैड़ा चुफाल, बेटा वासु चुफाल और बेटी रवी शामिल हैं। इसके अलावा कार चालक अनुज कुमार मिश्रा की भी हादसे में मौत हो गई। परिवार किसी निजी काम से यात्रा पर निकला था।हादसे के कारणों की जांच शुरू
पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ने से कार खाई में जा गिरी। हालांकि प्रशासन हर एंगल से मामले की जांच कर रहा है। हादसे के बाद क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेजी से पूरा करने और मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।