Nana Patekar Last Speech : नाना पाटेकर के निधन की खबर ने उनके चाहने वालों को गहरे सदमे में डाल दिया है। 8 अक्टूबर को गोवा में उनका निधन हुआ। इसके कुछ दिन पहले ही वह गोवा में एक कार्यक्रम में नजर आए थे। यही उनका आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम बन गया। वहां नाना ने स्थानीय कलाकारों के साथ समय बिताया, पारंपरिक संगीत में हिस्सा लिया और लोगों के सामने अपनी बात रखी। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनका आखिरी सार्वजनिक मंच बनने वाला है।
मंच पर नाना ने जिंदगी को लेकर कही बड़ी बात
कार्यक्रम के दौरान नाना पाटेकर ने जिंदगी और मौत को लेकर बेहद सहज अंदाज में बात की। उन्होंने कहा कि हर इंसान को एक दिन जाना है और किसी को यह पता नहीं होता कि अगला दिन उसके लिए क्या लेकर आएगा। उनकी बातों में कोई दिखावा नहीं था। वह लोगों से यही सोचने की बात कर रहे थे कि जब तक जिंदगी है, तब तक इंसान को वह काम जरूर करना चाहिए जिसे वह सच में करना चाहता है।
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खुद तक सीमित रहने की सोच पर भी बोले
नाना ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए जिंदगी को सिर्फ अपने घर और परिवार तक सीमित रखने पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि इंसान को खुद से पूछना चाहिए कि उसने अपनी जिंदगी में क्या करने की कोशिश की। उनकी बातों में एक ऐसे कलाकार की सोच नजर आई, जिसने सिर्फ नाम और शोहरत के पीछे भागने के बजाय अपने काम को ज्यादा अहमियत दी। यही वजह है कि उनकी आखिरी स्पीच अब लोगों को और भी खास लग रही है।
रंगमंच से था नाना का गहरा रिश्ता
नाना पाटेकर ने फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाने के साथ रंगमंच को भी हमेशा अपने करीब रखा। गोवा के इस कार्यक्रम में भी उन्होंने अपने शुरुआती रंगमंच के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि मंच से मिले शुरुआती सम्मान ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया था। आखिरी दिनों में भी उनका रंगमंच के प्रति लगाव कम नहीं हुआ था। वह आगे भी नाटक करते रहने की इच्छा जता रहे थे।
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आखिरी शब्दों में छिपी रह गई बड़ी सीख
नाना पाटेकर की आखिरी स्पीच आज उनके जाने के बाद एक अलग ही मायने रखती है। उन्होंने जिंदगी को लेकर जो बातें कहीं, वे अब उनके चाहने वालों के बीच चर्चा में हैं। एक बड़े कलाकार की विदाई के साथ उनके किरदार और फिल्में तो याद रहेंगी ही, लेकिन उनकी यह आखिरी बात भी लंबे समय तक लोगों के मन में रहेगी। नाना ने अपने काम से हमेशा यह दिखाया कि जिंदगी छोटी हो सकती है, लेकिन उसे अपने तरीके से जीने और कुछ करने की कोशिश जरूर करनी चाहिए।