Congress Candidate Arrested: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। कांग्रेस ने दावा किया है कि उसके उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कांग्रेस के मुताबिक, यह कार्रवाई ममता बनर्जी की ओर से नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा के कुछ ही घंटे बाद हुई। पार्टी ने गिरफ्तारी के समय को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, गिरफ्तारी के मामले में सामने आई रिपोर्टों में पुराने मामले को लेकर अलग-अलग जानकारी दी गई है।
ममता ने कांग्रेस को दिया समर्थन
ममता बनर्जी ने शुक्रवार को नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। यह फैसला उनके गुट की उम्मीदवार सांचिता प्रधान डे के चुनाव मैदान से हटने के बाद आया। सांचिता ने नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस के समर्थन की घोषणा की। ममता ने इसे विपक्षी एकजुटता और व्यापक राजनीतिक हित से जुड़ा फैसला बताया।
गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई, जब ममता बनर्जी ने उन्हें चुनाव में समर्थन देने का ऐलान किया था। पार्टी ने इस घटनाक्रम के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की कार्रवाई को लेकर स्पष्टीकरण मिलना चाहिए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधान के खिलाफ एक पुराने मामले में पुलिस कार्रवाई की गई है। एक रिपोर्ट में इसे पुराने हत्या मामले से जोड़ा गया है, जबकि कांग्रेस की ओर से 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से संबंधित मामला बताया गया है।
चुनाव आयोग के फैसले पर भी विवाद
नंदीग्राम का घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं। ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह मिला है। इसके बाद ममता बनर्जी ने आयोग के फैसले की आलोचना की और इसे लेकर कई आरोप लगाए। उनके बयानों पर कांग्रेस समेत विपक्षी नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
6 अक्टूबर को होगा नंदीग्राम में मतदान
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। नंदीग्राम में कांग्रेस ने मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी ने हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है। ममता गुट की उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस को उनका समर्थन मिलने से मुकाबले का राजनीतिक समीकरण बदल गया है। वहीं, अलग-अलग दलों और गुटों की मौजूदगी के कारण नंदीग्राम का उपचुनाव राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बना हुआ है।