नर्मदा परिक्रमा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब राज्य सरकार परिक्रमा मार्ग पर चलने वाले हर यात्री को आधिकारिक प्रमाण पत्र देने जा रही है। इसके लिए नर्मदा नदी से जुड़े जिलों की सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस प्रमाण पत्र की मदद से परिक्रमावासियों को पहचान संबंधी परेशानी नहीं होगी और यात्रा अधिक सुरक्षित, सरल और सुव्यवस्थित बन सकेगी।
सरकार ने जारी किए नए निर्देश
नर्मदा नदी और परिक्रमा मार्ग से जुड़े क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों को आदेश दिए गए हैं कि वह यात्रा पर निकलने वाले सभी श्रद्धालुओं को प्रमाण पत्र जारी करें। इससे परिक्रमावासियों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की पहचान संबंधी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
आसान आवेदन प्रक्रिया, ग्राम पंचायत में मिलेगा प्रमाण पत्र
श्रद्धालुओं को केवल ग्राम पंचायत में आवेदन देना होगा, जिसमें दो फोटो और एक पहचान पत्र संलग्न करना होगा। इसके बाद तय फॉर्मेट में उनका प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। यह दस्तावेज यात्रा का आधिकारिक प्रमाण माना जाएगा और पूरे मार्ग में उनका परिचय पत्र बनेगा।
प्रमाण पत्र से मिलेगा हर गांव में सहज प्रवेश
यह प्रमाण पत्र दिखाकर परिक्रमावासी नर्मदा परिक्रमा मार्ग के किसी भी गांव में आसानी से प्रवेश कर सकेंगे। स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी इस प्रमाण पत्र को पहचान के रूप में मान्यता देंगे। इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और उन्हें ठहरने, आने-जाने और सहायता प्राप्त करने में सुविधा होगी।
सरकार को मिलेगा परिक्रमा यात्रियों का सही आंकड़ा
जनपद पंचायतों को 31 अक्टूबर तक जारी प्रमाण पत्रों की जानकारी संचालनालय को भेजनी होगी। इससे हर साल नर्मदा परिक्रमा करने वाले लोगों का सटीक रिकॉर्ड सरकार के पास रहेगा। इस निर्णय से यात्रियों को पहचान संबंधी दिक्कतों से राहत मिलेगी और परिक्रमा की परंपरा और अधिक व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ेगी।