मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी स्थित ‘मुस्कान’ बालिका गृह से पांच नाबालिग लड़कियों के लापता होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा थोटा ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। शुरुआती जांच में बालिका गृह प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
एक साथ पांच नाबालिगों के लापता होने से मचा हड़कंप
इटारसी के ‘मुस्कान’ बालिका गृह से पांच नाबालिग लड़कियों के रहस्यमय ढंग से लापता होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया। संवेदनशील मामले को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी। एक ही संस्थान से एक साथ पांच बच्चियों के गायब होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर बच्चियां किस परिस्थिति में बालिका गृह से बाहर निकलीं।
SP ने बनाई हाई लेवल SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा थोटा ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच टीम की निगरानी एसडीओपी इटारसी वीरेंद्र मिश्रा कर रहे हैं। टीम में एक निरीक्षक और तीन उपनिरीक्षक शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बालिका गृह पहुंचकर परिसर का निरीक्षण किया और वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया।
प्रबंधन की लापरवाही जांच के केंद्र में
प्रारंभिक जांच में पुलिस को ऐसा कोई दस्तावेज या रिकॉर्ड नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि बालिका गृह प्रबंधन ने लड़कियों के लापता होने की सूचना समय पर पुलिस को दी थी। इस तथ्य के सामने आने के बाद संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल और गहरे हो गए हैं। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और संबंधित जिम्मेदार लोगों से पूछताछ की जा रही है।
साइबर सेल की मदद से तलाश जारी
लापता बच्चियों की तलाश के लिए पुलिस साइबर सेल और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद ले रही है। जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं पर काम कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि मामला केवल सुरक्षा में लापरवाही का है या इसके पीछे किसी संगठित गिरोह अथवा अन्य आपराधिक साजिश की भूमिका है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।