Artemis 2 Splash Down: नासा के ऐतिहासिक चंद्र मिशन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। नासा का आर्टेमिस II मिशन पूरा हो चुका है। नासा के चंद्र मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्री अपना सफर पूरा कर सुरक्षित धरती पर लौट आए हैं। ओरियन स्पेसक्राफ्ट आज यानि 11 अप्रैल की सुबह 5.37 बजे अमेरिका के सैन डिएगो के तट के पास समंदर में उतर चुका है। बता दें, यह मिशन 54 साल बाद इंसानों को चंद्रमा के पास ले जाने वाला पहला क्रूड मिशन है।
डोनाल्ड ट्रंप दी बधाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टेमिस‑II मिशन की सफल वापसी पर सोशल मीडिया के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को बधाई दी है। उन्होंने लिखा कि 'महान और बेहद प्रतिभाशाली आर्टेमिस‑II क्रू को हार्दिक बधाई. पूरी यात्रा शानदार रही, लैंडिंग बिल्कुल सटीक रही और अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में, मुझे आप पर इससे ज्यादा गर्व नहीं हो सकता। राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि वह जल्द ही अंतरिक्ष यात्रियों से व्हाइट हाउस में मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका भविष्य में एक बार फिर ऐसे मिशन करेगा और 'अगला कदम मंगल ग्रह होगा।'
सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित
बता दें कि सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित हैं। रिकवरी टीमें ओरियन स्पेसक्राफ्ट की ओर बढ़ रही हैं, जो प्रशांत महासागर में एयरबैग्स पर तैर रहा है। कुछ ही देर में चारों अंतरिक्षयात्रियों को सुरक्षित निकालकर USS John P. Murtha पर ले जाया जाएगा। वहां उनका मेडिकल चेकअप होगा।
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6 दिनों का था समय
आपको बता दें कि नासा के पास 'आर्टेमिस-2' के प्रक्षेपण के लिए अप्रैल के पहले छह दिनों का समय था। यदि इस दौरान प्रक्षेपण नहीं हो पाता है, तो नासा को अप्रैल के अंत तक इंतजार करना पड़ता। हालांकि, नासा ने इसी समय में आर्टेमिस-2 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। यह 50 साल से ज्यादा समय बाद पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन रहा। यह मिशन दो साल में चांद पर उतरने की नासा की कोशिश की शुरुआत है।
नासा का अब तक का सबसे बड़ा कदम
अमेरिका के तीन और कनाडा के एक अंतरिक्ष यात्री को लेकर 32 मंजिला रॉकेट नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से रवाना हुआ था। यह चांद पर स्थायी मौजूदगी स्थापित करने की दिशा में नासा का अब तक का सबसे बड़ा कदम है।