Naseeruddin Shah Dimagi Naxal Statement : बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उनके एक वीडियो ने सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के समर्थन में उतरे अभिनेता ने खुद को 'दिमागी नक्सल' बताया है। उनके इस बयान पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। आखिर नसीरुद्दीन शाह ने ऐसा क्यों कहा और उनके बयान पर इतना विवाद क्यों हो रहा है, चलिए जानते हैं।
नसीरुद्दीन शाह ने क्यों कहा खुद को दिमागी नक्सल
नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में खुद को गर्व से 'दिमागी नक्सल' बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करने वालों को कभी देश विरोधी तो कभी टुकड़े-टुकड़े गैंग जैसे नाम दिए जाते हैं। अभिनेता ने इन नामों पर सवाल उठाते हुए अपनी बात रखी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब जामिया के छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान में छात्रों से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। अभिनेता ने कहा कि छात्रों के साथ जो हो रहा है, उसे याद रखा जाएगा। उन्होंने युवाओं का हौसला तोड़ने और शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने को लेकर भी सवाल उठाए।
जामिया में किस बात पर हो रहा प्रदर्शन
जामिया में छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहा है। विश्वविद्यालय में 2006 के बाद से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्र चुनाव की तारीख तय करने और छात्र संघ के संविधान को मंजूरी देने की समयसीमा की मांग कर रहे हैं। ऐसे में यह मामला अब शिक्षा के साथ-साथ राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।
किरेन रिजिजू ने दिया तीखा जवाब
नसीरुद्दीन शाह के बयान पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नाराजगी जताई। उन्होंने अभिनेता को 'खतरनाक अर्बन दिमागी नक्सल' बताते हुए उनके विचारों की आलोचना की। रिजिजू की इस प्रतिक्रिया के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया। वहीं अभिनेता के बयान पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे छात्रों के समर्थन में उठाई गई आवाज मान रहे हैं, जबकि कुछ उनके शब्दों पर सवाल उठा रहे हैं।
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बयान ने फिर छेड़ी नई बहस
नसीरुद्दीन शाह का यह बयान सिर्फ फिल्मी दुनिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने अभिव्यक्ति की आजादी, छात्र राजनीति और सरकार की आलोचना जैसे मुद्दों पर नई बहस छेड़ दी है। अभिनेता पहले भी छात्रों से जुड़े मामलों पर अपनी बात रख चुके हैं। फिलहाल उनके इस बयान पर चर्चा जारी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर और क्या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।