हम रोज़ मॉल और दुकानों से सामान खरीदते हैं, लेकिन कई बार अपने अधिकारों से अनजान रहते हैं। 24 दिसंबर को पूरे देश में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है, जिसका मकसद ग्राहकों को उनके हक के बारे में जागरूक करना है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत हर खरीदार को यह अधिकार मिलता है कि उसके साथ कोई धोखा न हो। अगर किसी दुकान या मॉल की वजह से ग्राहक को परेशानी होती है, तो वह कानून के तहत शिकायत कर सकता है। यह दिन इसी जागरूकता को मजबूत करने का मौका देता है।
कैरी बैग पर कब लगेगा पैसा
मॉल या दुकान से सामान खरीदने पर कैरी बैग का मुद्दा अक्सर सामने आता है। नियम के मुताबिक अगर दुकानदार कैरी बैग के पैसे ले रहा है, तो उसे पहले ग्राहक को इसकी जानकारी देनी होगी या बिल में साफ दिखाना होगा। अगर बैग पर दुकान या किसी ब्रांड का लोगो छपा है, तो उसके पैसे नहीं लिए जा सकते, क्योंकि वह प्रचार माना जाता है। वहीं अगर सादा, बिना लोगो वाला बैग दिया जाता है, तो उसके लिए 5 से 10 रुपये तक चार्ज किया जा सकता है। इससे ज्यादा रकम लेना गलत माना जाता है।
खराब सामान मिलने पर आपका हक
अगर खरीदे गए सामान में खराबी निकलती है या वह डिफेक्टिव है, तो ग्राहक उसे बदलवाने या पैसे वापस लेने का हक रखता है। इसके लिए बिल होना जरूरी है और तय समय सीमा के अंदर सामान लौटाना होता है। अगर सामान बिल्कुल सही है, इस्तेमाल नहीं हुआ है और हालत अच्छी है, तो दुकानदार की एक्सचेंज पॉलिसी के अनुसार उसे बदला जा सकता है। यानी हर स्थिति में ग्राहक पूरी तरह बेबस नहीं है, नियम उसके साथ खड़े हैं।
शिकायत का आसान तरीका
अगर कोई दुकानदार या मॉल नियमों का पालन नहीं करता, तो ग्राहक सीधे नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। यहां शिकायत करने के बाद भी अगर समाधान नहीं होता, तो कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुला रहता है। छोटा दुकानदार हो या बड़ा मॉल, कानून सब पर बराबर लागू होता है। इसलिए शॉपिंग करते समय अपने अधिकार जानना और जरूरत पड़ने पर आवाज उठाना ही सबसे बड़ा हथियार है।