आम को क्यों कहा जाता है फलों का राजा? हर साल नेशनल मैंगो डे आम के प्रति लोगों के प्रेम और इसके महत्व को उजागर करने के लिए मनाया जाता है. आम दुनिया के सबसे पसंद किए जाने वाले फलों में से एक है। स्वाद, खुशबू और पोषण से भरपूर यह फल भारत समेत कई देशों की पहचान बन चुका है. गर्मियों के मौसम में आम की मांग सबसे अधिक रहती है और इसकी अलग-अलग किस्में लोगों को अलग स्वाद का अनुभव कराती हैं.
दुनिया में कितनी किस्में पाई जाती हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया भर में आम की 1,000 से अधिक किस्में पाई जाती हैं. इनमें से सैकड़ों किस्मों की व्यावसायिक खेती की जाती है, जबकि कई स्थानीय किस्में केवल विशेष क्षेत्रों में ही उगाई जाती हैं। हर किस्म का स्वाद, रंग, आकार और खुशबू अलग होती है.
किन देशों में होती है आम की खेती?
आम की खेती सबसे अधिक भारत में होती है। इसके अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, थाईलैंड, मेक्सिको, फिलीपींस, इंडोनेशिया, ब्राजील और कई अफ्रीकी देशों में भी बड़े पैमाने पर आम उगाए जाते हैं। भारत में अल्फांसो, दशहरी, लंगड़ा, चौसा, केसर और तोतापुरी जैसी किस्में काफी लोकप्रिय हैं.
सबसे महंगा आम कौन-सा है?
दुनिया के सबसे महंगे आमों में मियाज़ाकी आम का नाम सबसे ऊपर आता है. यह जापान के मियाज़ाकी क्षेत्र में उगाया जाता है और अपने गहरे लाल रंग, मिठास और उच्च गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत कई बार 2 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाती है। हालांकि, कीमत गुणवत्ता, उपलब्धता और नीलामी के आधार पर बदल सकती है.
पोषण का भी है खजाना
आम केवल स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि पौष्टिक भी है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, फाइबर और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और त्वचा व आंखों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माने जाते हैं.
नेशनल मैंगो डे आम की विविधता और उसके महत्व को जानने का एक अच्छा अवसर है. दुनिया में मौजूद हजारों किस्मों में हर आम का अपना अलग स्वाद और पहचान है। चाहे भारतीय अल्फांसो हो या जापान का मियाज़ाकी, आम आज भी दुनिया के सबसे पसंदीदा फलों में अपनी खास जगह बनाए हुए है.