National Mango Day 2026 : 22 जुलाई को नेशनल मैंगो डे (National Mango Day) मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य आम के स्वाद, पोषण, खेती और उससे जुड़े किसानों के योगदान का सम्मान करना है। आम को दुनिया के सबसे लोकप्रिय फलों में गिना जाता है और भारत में इसे "फलों का राजा" कहा जाता है. यह दिन लोगों को आम की अलग-अलग किस्मों, उसके स्वास्थ्य लाभ और कृषि में उसके महत्व के बारे में जागरूक करने का अवसर देता है. हालांकि, यह किसी सरकारी अवकाश या आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय दिवस की तरह घोषित नहीं है, बल्कि समय के साथ खाद्य उद्योग, बागवानी संगठनों, व्यापारिक संस्थानों और आम प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हुआ है.
इसकी शुरुआत कब हुई?
नेशनल मैंगो डे की शुरुआत किसी एक संस्था या सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से नहीं की गई थी. समाचार रिपोर्टों और उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह दिवस धीरे-धीरे सोशल मीडिया, खाद्य कंपनियों, रेस्तरां, बागवानी समूहों और फल व्यापार से जुड़े लोगों के माध्यम से लोकप्रिय हुआ. हर साल जुलाई के महीने में कई देशों में आम का मौसम रहता है, इसलिए 22 जुलाई को आम का उत्सव मनाने की परंपरा बढ़ती गई। आज यह दिन कई जगहों पर आम के महत्व को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है.
इस दिन क्या होता है?
नेशनल मैंगो डे पर कई स्थानों पर आम से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. आम की विभिन्न किस्मों की प्रदर्शनी लगाई जाती है, मैंगो फेस्टिवल आयोजित होते हैं और आम से बनने वाले व्यंजनों जैसे मैंगो शेक, आइसक्रीम, जूस, मिठाइयों और अचार का प्रदर्शन किया जाता है. कई होटल, रेस्तरां और मिठाई की दुकानों में विशेष मैंगो मेन्यू और छूट भी दी जाती है. सोशल मीडिया पर लोग आम से जुड़ी तस्वीरें, रेसिपी और रोचक जानकारी साझा करते हैं. इस दिन किसानों और बागवानी विशेषज्ञों के योगदान की भी सराहना की जाती है.
भारत में आम का महत्व
भारत दुनिया के सबसे बड़े आम उत्पादक देशों में शामिल है. यहाँ दशहरी, अल्फांसो, लंगड़ा, चौसा, केसर और तोतापुरी जैसी सैकड़ों किस्में उगाई जाती हैं. आम केवल स्वादिष्ट फल ही नहीं, बल्कि विटामिन A, विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट का भी अच्छा स्रोत है। यही कारण है कि नेशनल मैंगो डे केवल एक फल का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय कृषि, संस्कृति और स्वाद की समृद्ध परंपरा का भी उत्सव माना जाता है.