Government Scholarship: भारतीय छात्रों के लिए विदेश के टॉप विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करना एक बड़ा सपना होता है। लेकिन भारी-भरकम फीस और रहने का खर्च कई बार छात्रों के लिए इसमें बाधा बन जाता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए भारत सरकार की 'नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप' योजना एक वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत पात्र छात्रों को विदेश में मास्टर डिग्री और पीएचडी की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
क्या है योजना और उद्देश्य
'नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप' भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देना है। इस योजना के जरिए छात्र वैश्विक स्तर पर दुनिया के टॉप और मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालयों में हायर एजुकेशन हासिल कर सकते हैं। यह स्कॉलरशिप विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), DNT, भूमिहीन कृषि मजदूरों और पारंपरिक कारीगर परिवारों के छात्रों के लिए उपलब्ध है।
क्या मिलता है लाभ
इस छात्रवृत्ति योजना के तहत चयनित उम्मीदवारों के पढ़ाई से जुड़ा पूरा खर्च सरकार उठाती है। इसमें विश्वविद्यालय की ट्यूशन फीस, रहने और खाने के लिए वार्षिक मेंटेनेंस अलाउंस, मेडिकल इंश्योरेंस, वीजा शुल्क और आने-जाने के लिए इकोनॉमी क्लास हवाई यात्रा का खर्च शामिल होता है। यह सहायता मास्टर डिग्री के लिए अधिकतम 3 वर्ष और पीएच.डी. के लिए अधिकतम 4 वर्ष तक दी जाती है।
आवेदन के लिए जरूरी पात्रता और शर्तें
इस स्कॉलरशिप का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई है। अनुसूचित जाति, डीएनटी, भूमिहीन कृषि मजदूर और पारंपरिक कारीगर श्रेणी के आवेदकों के परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों के लिए यह आय सीमा 6 लाख रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित की गई है। इसके अलावा छात्र को किसी मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से मास्टर या पीएचडी कार्यक्रम में बिना शर्त प्रवेश प्रस्ताव प्राप्त होना चाहिए। साथ ही आवेदक की आयु 35 वर्ष से कम होनी चाहिए। बता दें, एक परिवार से केवल एक ही बच्चे को इस योजना का लाभ मिल सकता है।
कहां कर सकते हैं अप्लाई?
इच्छुक और पात्र छात्र इस योजना के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन कर सकते हैं। अनुसूचित जाति, डीएनटी और भूमिहीन कृषि मजदूर श्रेणी के छात्र सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MSJE) के नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया जनजातीय कार्य मंत्रालय के नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाती है।