नोएडा। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के तहत सड़क दुर्घटनाओं को शून्य करने के लक्ष्य के साथ जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। गुरुवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में यातायात नियमों के कड़ाई से पालन और जन जागरूकता पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में डीसीपी (यातायात) डॉ. प्रवीण रंजन सिंह और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने प्रमुख भूमिका निभाई। जिला स्तरीय अधिकारी, ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों को सड़क सुरक्षा के नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के लिए ग्राम सभा चौपालों और आशा बहनों के माध्यम से अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
प्रमुख योजनाओं की जानकारी
एआरटीओ डॉ. उदित नारायण पांडेय ने हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तार से जानकारी साझा की:
कैशलेस ट्रीटमेंट योजना — सड़क दुर्घटना पीड़ितों को एक सप्ताह तक 1.5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है, ताकि "गोल्डन आवर" में त्वरित चिकित्सा मिल सके।
राहगीर योजना — दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले अच्छे राहगीरों (Good Samaritans) को 25,000 रुपये का प्रोत्साहन एवं पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
हिट एंड रन मामलों पर सख्ती —
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लोगों से सतर्क रहने और दुर्घटना होने पर तुरंत सहायता करने की अपील की गई।
बैठक में 70 से अधिक अधिकारी और प्रतिभागी मौजूद रहे।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने कहा,
“सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा है। सभी ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव ग्रामीणों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। हेलमेट, सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य करें तथा ओवर स्पीडिंग से बचें। ग्राम सभा चौपालों के माध्यम से जागरूकता फैलाएं, ताकि हमारा जिला दुर्घटना मुक्त बने।”
डीसीपी (यातायात) डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने जोर देते हुए कहा,
“यातायात नियमों का उल्लंघन न केवल स्वयं के लिए, बल्कि दूसरों के जीवन के लिए भी खतरा है। सभी नागरिक हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं, मोबाइल का उपयोग ड्राइविंग के दौरान न करें तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करें। पुलिस प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन जन सहयोग के बिना पूर्ण सफलता संभव नहीं। सड़क सुरक्षा हम सबकी साझी जिम्मेदारी है।”
एआरटीओ डॉ. उदित नारायण पांडेय ने कहा,“हिट एंड रन जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्क रहें। दुर्घटना होने पर तुरंत सहायता करें, क्योंकि कैशलेस ट्रीटमेंट योजना से पीड़ित को त्वरित इलाज मिलेगा तथा राहगीर योजना के तहत सहायता करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। सभी वाहन चालक नियमों का पालन करें, ताकि हम राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के लक्ष्य ‘सड़क सुरक्षा - जीवन रक्षा’ को साकार कर सकें।”
यह बैठक पूरे जनवरी माह (1 से 31 जनवरी 2026) तक चलने वाले राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई है, जिसका उद्देश्य देशभर में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य (Zero Fatality) करना है।जिला प्रशासन की अपील
सभी नागरिकों से अनुरोध है कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें, सुरक्षित सवारी अपनाएं और एक-दूसरे की मदद करें। आइए मिलकर सड़कों को सुरक्षित बनाएं और अनमोल जीवन की रक्षा करें।