Natural Makeup Trend : मेकअप की दुनिया तेजी से बदल रही है। कुछ समय पहले तक तैयार होने का मतलब था फाउंडेशन की मोटी परत, कंसीलर से चेहरे के हर निशान को छिपाना और फिर उस पर पाउडर लगाकर मेकअप को बिल्कुल एक जैसा दिखाना। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। महिलाएं धीरे-धीरे चेहरे की हर कमी छिपाने के बजाय अपनी असली त्वचा दिखाना पसंद कर रही हैं। इसी बदलाव की वजह से बहुत ज्यादा बेस लगाने की आदत कम होती जा रही है। अब मेकअप का मकसद चेहरा बदलना नहीं, बल्कि चेहरे को थोड़ा निखारना माना जा रहा है।
मोटे फाउंडेशन की जगह हल्का बेस
अब रोजाना के मेकअप में भारी फाउंडेशन की जगह हल्का बेस ज्यादा पसंद किया जा रहा है। ऐसा बेस चेहरे को ढकने के बजाय त्वचा को प्राकृतिक दिखने देता है। इससे चेहरा ज्यादा सहज और हल्का नजर आता है।
हर दाग छिपाना जरूरी नहीं
पहले चेहरे पर छोटा सा दाग, मुंहासा या झाइयां दिख जाएं तो उन्हें छिपाने की कोशिश की जाती थी। अब सोच थोड़ी बदल रही है। लोग मानने लगे हैं कि चेहरे की छोटी-मोटी कमियां भी सामान्य हैं।
त्वचा जैसी दिखने वाली चमक पसंद
अब बहुत ज्यादा पाउडर लगाकर चेहरे को एकदम सूखा और सपाट दिखाने के बजाय हल्की चमक पसंद की जा रही है। इससे चेहरा ज्यादा ताजा और प्राकृतिक लगता है।
रोजाना पूरा मेकअप करने का चलन कम
काम पर जाने या रोजमर्रा के लिए महिलाएं अब लंबा मेकअप करने के बजाय कम समय में तैयार होना पसंद करती हैं। थोड़ा कंसीलर, होंठों पर रंग, हल्का ब्लश और काजल कई लोगों के लिए काफी हो गया है।
मेकअप से ज्यादा त्वचा की देखभाल
एक और बड़ा बदलाव यह है कि लोग अब मेकअप से पहले त्वचा की देखभाल पर ध्यान दे रहे हैं। अच्छी तरह साफ त्वचा, नमी और धूप से बचाव को जरूरी माना जा रहा है। जब त्वचा ठीक दिखती है तो ऊपर से बहुत सारा मेकअप लगाने की जरूरत भी कम महसूस होती है।
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तस्वीरों में भी प्राकृतिक चेहरा पसंद
सोशल मीडिया पर भी अब बहुत ज्यादा सजे हुए चेहरे के साथ-साथ सामान्य और प्राकृतिक तस्वीरों को पसंद किया जा रहा है। इससे लोगों में अपने असली चेहरे को लेकर सहज होने का भाव बढ़ रहा है।
खूबसूरती का मतलब बदल रहा है
सबसे बड़ा बदलाव सोच में आया है। पहले खूबसूरत दिखने का मतलब चेहरे की हर कमी छिपाना माना जाता था। अब साफ, स्वस्थ और अपनी जैसी दिखने वाली त्वचा को भी खूबसूरती का हिस्सा माना जा रहा है।
नया मेकअप मतलब कम मेकअप
इसका मतलब यह नहीं है कि मेकअप खत्म हो रहा है। बल्कि मेकअप करने का तरीका बदल रहा है। अब कोशिश चेहरे को पूरी तरह बदलने की नहीं, बल्कि अपनी खूबसूरती को थोड़ा उभारने की है। यही वजह है कि भारी बेस की जगह हल्का और प्राकृतिक मेकअप धीरे-धीरे रोजमर्रा की पसंद बनता जा रहा है।