कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में प्रशांत महासागर के छोटे से द्वीपीय देश नॉरू ने एक बार फिर अपनी पहचान मजबूत की है। 17 वर्षीय वेटलिफ्टर फेमिली क्रिस्टी नोटे ने महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने कुल 216 किलोग्राम वजन उठाकर पोडियम पर जगह बनाई और अपने देश को मौजूदा खेलों का दूसरा पदक दिलाया।
नॉरू के खाते में पहुंचा 33वां पदक
ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नॉरू का यह दूसरा पदक है। इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में नॉरू के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। सबसे खास बात यह है कि नॉरू के अब तक के सभी 33 पदक सिर्फ वेटलिफ्टिंग से आए हैं, जो इस छोटे से देश की इस खेल में मजबूत पकड़ को दिखाता है।
छोटी आबादी, लेकिन बड़ा खेल रिकॉर्ड
नॉरू दुनिया के सबसे छोटे देशों में गिना जाता है। इसकी आबादी 12 हजार से भी कम है। वर्ष 2002 की जनगणना में यहां की आबादी 9,872 दर्ज की गई थी और आज भी यह संख्या 12 हजार से नीचे है। इतनी कम आबादी के बावजूद कॉमनवेल्थ गेम्स में नॉरू का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय रहा है।
हर कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता है पदक
नॉरू ने पहली बार 1990 में कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया था। तब से लेकर अब तक उसने हर संस्करण में कम से कम एक पदक जरूर जीता है। शुरुआती चार कॉमनवेल्थ गेम्स में तो नॉरू ने हर बार कम से कम एक स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया। लगातार पदक जीतने का यह सिलसिला आज भी जारी है।
14 खिलाड़ियों का दल कर रहा है प्रतिनिधित्व
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नॉरू ने 14 खिलाड़ियों का दल भेजा है। ये खिलाड़ी एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, जूडो और वेटलिफ्टिंग जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि देश को अब तक मिले दोनों पदक वेटलिफ्टिंग से ही आए हैं, जिससे इस खेल में उसकी मजबूत परंपरा एक बार फिर साबित हुई है।
इसे भी पढ़ें : WTC पॉइंट्स टेबल में पाकिस्तान सबसे नीचे, वेस्टइंडीज को मिली बड़ी छलांग, भारत के लिए फाइनल की राह अभी खुली
फेमिली क्रिस्टी बनीं नई प्रेरणा
महज 17 साल की उम्र में फेमिली क्रिस्टी नोटे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतकर नॉरू के खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। सीमित संसाधनों और बेहद कम आबादी वाले देश से आने के बावजूद उन्होंने दिखा दिया कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर दुनिया के बड़े मंच पर भी अपनी पहचान बनाई जा सकती है। उनका यह कांस्य पदक नॉरू की वेटलिफ्टिंग विरासत को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।