नवरात्र की रौनक के बीच गरबा पंडालों और दुर्गा मंदिरों में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने हाईटेक इंतजाम किए हैं। शहर में आयोजित होने वाले सभी बड़े गरबा आयोजनों की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जाएगी। देर रात तक कार्यक्रमों में शामिल होकर घर लौटने वाली महिलाओं और लड़कियों को पुलिस सुरक्षित घर तक पहुंचाने की भी जिम्मेदारी निभाएगी। इन तैयारियों का मकसद भीड़-भाड़ के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और नवरात्र के उत्सव को शांतिपूर्वक संपन्न कराना है।
ड्रोन कैमरे से 24 घंटे निगरानी
नवरात्र के नौ दिनों तक पुलिस टीम शहर के प्रमुख गरबा पंडालों और मंदिरों पर लगातार नजर रखेगी। ड्रोन कैमरों से भीड़ की गतिविधियों, संदिग्ध व्यक्तियों और किसी भी तरह की असामान्य हरकत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। कंट्रोल रूम से लाइव फीड लेकर अधिकारियों को मौके पर अलर्ट भेजा जाएगा।
सिविल ड्रेस में तैनात महिला पुलिसकर्मी
गरबा पंडालों और आसपास के इलाकों में सादी वर्दी में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। इनकी जिम्मेदारी छेड़छाड़, ईव-टीजिंग और किसी भी तरह की अशांति को रोकना होगा। देर रात सड़क पर अकेली दिखने वाली महिलाओं को पुलिस सुरक्षित घर तक छोड़ने की विशेष व्यवस्था भी करेगी।
चेकिंग प्वाइंट्स और पिकेट्स की सख्ती
शहर के प्रवेश और निकास मार्गों पर विशेष नाकेबंदी की जाएगी। वाहनों की सघन चेकिंग होगी ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। प्रमुख बाजारों और गरबा स्थलों पर पुलिस पिकेट्स स्थापित किए गए हैं, जहां अधिकारी लगातार मौजूद रहेंगे।
आयोजकों को दिए गए विशेष निर्देश
गरबा पंडाल संचालकों को सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, बाउंसरों की तैनाती और आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कंट्रोल रूम से पूरे शहर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी।
नवरात्र की पूरी अवधि के दौरान पुलिस द्वारा किए जा रहे इन हाईटेक इंतजामों से लोगों को अधिक सुरक्षित माहौल मिलने की उम्मीद है। विस्तृत जानकारी के लिए यहां पढ़ें।