
शारदीय नवरात्रि 2025 का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। यह नौ दिवसीय पर्व देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का प्रतीक है, जिसमें कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। नवमी और अष्टमी तिथि को कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन, स्वागत और भोजन कराया जाता है। माना जाता है कि इस दिन कन्या पूजन सही विधि से किया जाए, तो मां दुर्गा असीम कृपा बरसाती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है।हालाँकि, कई बार श्रद्धालु कुछ ऐसी भूलें कर बैठते हैं जो पूजन का संपूर्ण फल समाप्त कर सकती हैं। विशेषकर भोजन में दी जाने वाली कुछ चीज़ें ऐसी हैं, जिन्हें भूलकर भी कन्याओं को नहीं परोसना चाहिए। ये न सिर्फ पूजन की शुद्धता को प्रभावित करती हैं, बल्कि इसके कारण नकारात्मक फल भी मिल सकते हैं।
1. गर्म मसाले या तीखा भोजन
कन्या पूजन में परोसे जाने वाले भोजन को सात्विक और सरल रखा जाना चाहिए। तीखे मसालों, जैसे मिर्च, गरम मसाला, लहसुन आदि से युक्त भोजन कन्या पूजन में वर्जित माना गया है। यह न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से गलत है, बल्कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे देवी का अपमान होता है और पूजन निष्फल हो सकता है।
2. बासी या फ्रिज का रखा हुआ भोजन
कन्या पूजन में जो भोजन परोसा जाता है, उसे उसी दिन ताज़ा और श्रद्धा से बनाना चाहिए। फ्रिज में रखा या पहले से बना बासी भोजन कन्याओं को परोसना अशुद्धता की श्रेणी में आता है। ऐसी भूल करने से देवी लक्ष्मी और दुर्गा रुष्ट हो सकती हैं, और घर में दरिद्रता आ सकती है।
3. मांसाहारी या प्याज़-लहसुन युक्त भोजन
यह सर्वविदित है कि नवरात्रि में सात्विकता का विशेष ध्यान रखा जाता है। लेकिन कुछ लोग अनजाने में प्याज़ और लहसुन जैसे तामसिक तत्वों को शामिल कर लेते हैं। कन्या पूजन में मांसाहारी भोजन या प्याज़-लहसुन युक्त व्यंजन परोसना धार्मिक दृष्टि से पूर्णतया वर्जित है और इसके गंभीर आध्यात्मिक दुष्परिणाम हो सकते हैं।