Mata Ki Chowki: शारदीय नवरात्रि के दौरान घरों में मां दुर्गा की पूजा के लिए विशेष तैयारी की जाती है। कई लोग इन नौ दिनों के लिए माता की चौकी सजाते हैं और कलश स्थापना के साथ विधि-विधान से पूजा करते हैं। ऐसे में पूजा स्थल की साफ-सफाई के साथ उसकी दिशा और वहां रखी जाने वाली चीजों का भी ध्यान रखा जाता है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार पूजा की सही जगह और व्यवस्था सकारात्मक वातावरण बनाने में सहायक मानी जाती है। इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होगी। नवरात्रि का समापन 19 अक्टूबर को होगा, जबकि इसके अगले दिन यानी 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। अगर आप इस नवरात्रि अपने घर में माता की चौकी स्थापित करने जा रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रख सकते हैं।
उत्तर-पूर्व दिशा को माना जाता है शुभ
वास्तु की मान्यताओं में उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को पूजा-पाठ के लिए उपयुक्त स्थान माना गया है। इसलिए संभव हो तो इसी दिशा में मां दुर्गा की चौकी स्थापित करें। यदि घर में ईशान कोण में पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है, तो उत्तर या पूर्व दिशा भी चुनी जा सकती है। पूजा करते समय आपका चेहरा किस दिशा में हो, इसका भी ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजा करना शुभ माना जाता है।
चौकी रखने से पहले जगह को करें तैयार
माता की चौकी रखने से पहले उस स्थान की अच्छी तरह सफाई कर लें। चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा रखी जा सकती है। पूजा की जगह को घर के दूसरे सामान से अलग और व्यवस्थित रखना बेहतर माना जाता है। वास्तु संबंधी मान्यताओं के अनुसार पूजा स्थल के आसपास जूते-चप्पल, कूड़ा, कबाड़ या सफाई से जुड़ी चीजें नहीं रखनी चाहिए। इससे पूजा की जगह साफ और व्यवस्थित बनी रहती है।
मूर्ति और पूजा सामग्री की जांच जरूरी
नवरात्रि की पूजा शुरू करने से पहले माता की प्रतिमा, तस्वीर, कलश और दूसरी पूजा सामग्री को अच्छी तरह देख लें। धार्मिक मान्यताओं में खंडित प्रतिमा की पूजा करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए चौकी सजाने से पहले सभी सामग्री सही स्थिति में होनी चाहिए।
अखंड ज्योत रखते समय सुरक्षा का ध्यान रखें
नवरात्रि के दौरान कई लोग पूरे नौ दिनों तक अखंड ज्योत जलाने का संकल्प लेते हैं। यदि आप भी ऐसा करने वाले हैं तो दीपक की जगह का चुनाव सावधानी से करें। ज्योत के आसपास पर्दे, कागज, कपड़े या कोई दूसरी आसानी से आग पकड़ने वाली वस्तु न हो। दीपक को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां हवा का तेज झोंका सीधे न पहुंचता हो। साथ ही उसके आसपास पर्याप्त खाली जगह रखें, ताकि पूजा के दौरान किसी तरह की परेशानी या आग का खतरा न बने।
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चौकी पर पुराने फूल जमा न होने दें
मां दुर्गा को पूजा के दौरान ताजे फूल अर्पित किए जाते हैं। चौकी पर चढ़ाए गए फूल अगर मुरझा जाएं तो उन्हें वहां लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए। समय-समय पर पुराने फूल हटाकर पूजा स्थल को साफ रखना बेहतर होता है। इसके अलावा माता की चौकी ऐसी जगह रखना उचित माना जाता है जहां बार-बार लोगों की आवाजाही न हो। इससे पूजा स्थल व्यवस्थित रहने के साथ पूजा के दौरान एकाग्रता बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।