Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से आराधना की जाती है। भक्त उपवास रखते हैं और घर में पूजा-पाठ के साथ देवी की स्थापना करते हैं। नवरात्रि के दौरान सिर्फ देवी उपासना से जुड़े नियम ही महत्वपूर्ण नहीं होते, बल्कि घर में मौजूद तुलसी के पौधे की देखभाल और पूजा से जुड़े कुछ नियमों का भी उल्लेख धार्मिक परंपराओं में मिलता है। तुलसी को सनातन परंपरा में बेहद पवित्र माना गया है और इसे मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में नवरात्रि के दौरान तुलसी की पूजा और उसके पास दीपक जलाने की परंपरा कई घरों में निभाई जाती है। आइए जानते हैं 2026 की शारदीय नवरात्रि कब से शुरू होगी और इस दौरान तुलसी को लेकर किन बातों का ध्यान रखा जाता है।
11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि
हिंदू पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होती है। इस वर्ष प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9 बजकर 19 मिनट से शुरू होगी और 11 अक्टूबर की रात 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्टूबर 2026 को माना जाएगा। इसी दिन से देवी दुर्गा की आराधना और नवरात्रि व्रत का सिलसिला शुरू होगा।
नवरात्रि में तुलसी के पास जलाएं दीपक
धार्मिक मान्यताओं में तुलसी को शुभता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। नवरात्रि के दिनों में सुबह तुलसी के पौधे को जल अर्पित करने और शाम के समय उसके पास दीपक रखने की परंपरा है। मान्यता है कि नियमित रूप से तुलसी की पूजा करने और उसके पास दीपक जलाने से घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है। कई लोग नवरात्रि में देवी पूजा के साथ तुलसी पूजन भी करते हैं।
गुरुवार को कर सकते हैं यह उपाय
नवरात्रि के दौरान अगर गुरुवार का दिन आता है, तो तुलसी से जुड़ा एक विशेष धार्मिक उपाय भी किया जाता है। इस दिन पौधे में सामान्य जल के साथ थोड़ी मात्रा में कच्चा दूध अर्पित करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
नवरात्रि में तुलसी की पत्तियां तोड़ने से बचें
तुलसी की पत्तियों को लेकर भी धार्मिक नियम बताए गए हैं। नवरात्रि के दौरान तुलसी की हरी पत्तियां तोड़ने से बचने की सलाह दी जाती है। पूजा में जरूरत होने पर पौधे से नीचे गिरी हुई साफ पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
दक्षिण दिशा में तुलसी रखने से बचें
वास्तु मान्यताओं में तुलसी के पौधे के लिए दिशा का भी महत्व बताया गया है। इसे दक्षिण दिशा में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। तुलसी के पौधे को ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां उसे पर्याप्त रोशनी और हवा मिल सके तथा नियमित रूप से उसकी देखभाल की जा सके।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।