Navratri Day 7: चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन मां दुर्गा के उग्र स्वरूप मां कालरात्रि को समर्पित होता है। इस दिन भक्त विशेष भक्ति और श्रद्धा के साथ देवी की पूजा करते हैं। मान्यता है कि मां कालरात्रि की आराधना करने से जीवन के सभी भय, नकारात्मक ऊर्जा और रोगों से मुक्ति मिलती है। इस दिन खास रंग और भोग का विशेष महत्व बताया गया है।
नीले रंग का महत्व
नवरात्रि के सातवें दिन नीला रंग धारण करना शुभ माना जाता है। यह रंग शक्ति, स्थिरता और विश्वास का प्रतीक है। मां कालरात्रि की पूजा में नीले वस्त्र पहनने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मन में आत्मविश्वास बढ़ता है।
मां कालरात्रि का प्रिय भोग
इस दिन मां कालरात्रि को गुड़, जलेबी, या मीठा प्रसाद अर्पित करना शुभ माना जाता है। खासतौर पर गुड़ से बने भोग देवी को अत्यंत प्रिय होते हैं। ऐसा करने से मां की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
पूजा विधि और उपाय
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और मां कालरात्रि की प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं। सरसों के तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी माना जाता है। “ॐ देवी कालरात्र्यै नमः” मंत्र का जाप करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। इससे नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।
भय और रोग से मुक्ति के लाभ
मां कालरात्रि की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से भय समाप्त होता है। साथ ही मानसिक तनाव, रोग और शत्रु बाधाओं से भी राहत मिलती है। देवी की कृपा से आत्मबल और साहस में वृद्धि होती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
पूजा के दौरान मन को शांत रखें और पूरी श्रद्धा के साथ आराधना करें। इस दिन सात्विक भोजन करें और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। सच्चे मन से की गई पूजा से मां कालरात्रि प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।