मध्यप्रदेश में शारदीय नवरात्र की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार नवरात्र 22 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक 10 दिनों तक चलेंगे। प्रदेशभर में गरबा और डांडिया महोत्सव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। लेकिन इसी बीच गरबा आयोजनों को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है। भोपाल के सांसद आलोक शर्मा ने गरबा स्थलों पर मुस्लिम युवकों की एंट्री पर सख्त आपत्ति जताते हुए लव जिहाद का मुद्दा उठाया और कहा कि अब केवल हिंदू और सनातनी ही इन आयोजनों में शामिल हों।
नवरात्र पर गरबा की तैयारियां
शारदीय नवरात्र हर साल विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान मंदिरों में माता की चौकी सजाई जाती है और रात को जगह-जगह गरबा और डांडिया कार्यक्रम होते हैं। इस बार नवरात्र 10 दिनों तक मनाया जाएगा, जिससे लोगों में और अधिक जोश देखा जा रहा है। शहरों और कस्बों में गरबा डांस की ट्रेनिंग क्लासेस भी शुरू हो गई हैं।
सांसद आलोक शर्मा का कड़ा रुख
भोपाल में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक के दौरान सांसद आलोक शर्मा ने गरबा आयोजनों को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि हर समुदाय को अपने-अपने त्योहार मनाने चाहिए। किसी दूसरे धर्म का व्यक्ति अगर तिलक लगाकर या कलावा बांधकर आयोजन में प्रवेश करता है तो यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इसे लव जिहाद से जोड़ते हुए चेतावनी दी कि मोहन यादव की सरकार में ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
गरबा आयोजनों में केवल सनातनी
सांसद ने कहा कि हिंदू समाज अब जाग चुका है। गरबा जैसे धार्मिक आयोजनों में केवल हिंदू और सनातनी ही प्रवेश करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई लव जिहाद की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उनका यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।