Navratri Special : नवरात्रि का त्योहार आते ही गुजरात में गरबा और डांडिया की धूम शुरू हो जाती है. अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत जैसे शहरों में देर रात तक गरबा कार्यक्रम चलते हैं. इस दौरान पारंपरिक कपड़ों, ज्वेलरी और दूसरी चीजों की खरीदारी तो बढ़ती ही है, साथ ही कंडोम और गर्भनिरोधक उत्पादों की मांग बढ़ने की खबरें भी सामने आती रही हैं। साल 2017 में गुजरात के दवा कारोबारियों के संगठन ने नवरात्रि के दौरान कंडोम और गर्भनिरोधक उत्पादों की बिक्री में करीब 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का अनुमान बताया था. हालांकि, यह आंकड़ा उस समय की रिपोर्ट पर आधारित है, इसे हर साल या पूरे गुजरात के लिए निश्चित आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए.
1. देर रात तक चलते हैं गरबा और डांडिया कार्यक्रम
गुजरात में नवरात्रि केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक मेलजोल का भी बड़ा अवसर है. लोग दोस्तों और परिवार के साथ गरबा खेलने जाते हैं। कई कार्यक्रम देर रात तक चलते हैं, जहां युवाओं को नए लोगों से मिलने और पुराने दोस्तों के साथ समय बिताने का मौका मिलता है। इस दौरान कुछ जोड़े भी एक-दूसरे के साथ अधिक समय बिताते हैं. ऐसे में यौन संबंधों से जुड़े उत्पादों की मांग बढ़ सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि गरबा में शामिल होने वाला हर व्यक्ति यौन संबंध बनाता है.
2. युवाओं में बढ़ रही सुरक्षित यौन संबंधों को लेकर जागरूकता
कंडोम की मांग बढ़ने की एक वजह सुरक्षित यौन संबंधों के प्रति जागरूकता भी हो सकती है. कंडोम अनचाहे गर्भधारण के जोखिम को कम करने में मदद करता है और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर एचआईवी समेत कई यौन संचारित संक्रमणों से बचाव में भी सहायक होता है। इसलिए इसका इस्तेमाल केवल गर्भधारण रोकने तक सीमित नहीं है.
3. गर्भनिरोधक उत्पादों की मांग भी बढ़ती है
मीडिया रिपोर्टों में नवरात्रि के दौरान कंडोम के साथ-साथ दूसरे गर्भनिरोधक उत्पादों की मांग बढ़ने की बात भी कही गई है. हालांकि, इन उत्पादों की बिक्री बढ़ने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी खरीदार उनका इस्तेमाल किसी एक खास वजह से कर रहे हैं.
4. दुकानदार भी बढ़ा देते हैं स्टॉक
नवरात्रि के दौरान मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए कुछ मेडिकल स्टोर और अन्य दुकानदार कंडोम का अतिरिक्त स्टॉक रख सकते हैं. 2017 की रिपोर्टों में गुजरात के कुछ इलाकों में देर रात तक खुलने वाली पान की दुकानों पर भी इनकी उपलब्धता बढ़ने का जिक्र किया गया था. त्योहार के दौरान मांग का अनुमान लगाकर स्टॉक बढ़ाना कारोबारियों की सामान्य रणनीति भी हो सकती है.
5. कंडोम कंपनियां भी करती हैं खास मार्केटिंग
त्योहारों के दौरान कंपनियां अपने उत्पादों के प्रचार के लिए खास विज्ञापन अभियान चलाती हैं. साल 2017 में गुजरात में नवरात्रि से जुड़ा एक कंडोम विज्ञापन चर्चा में आया था, जिसमें अभिनेत्री सनी लियोनी नजर आई थीं। विज्ञापन को लेकर विवाद हुआ और कुछ संगठनों ने इसका विरोध भी किया। इस घटना ने नवरात्रि और कंडोम की बिक्री के संबंध में देशभर में चर्चा को बढ़ावा दिया.
क्या हर साल 30 से 35 प्रतिशत बढ़ती है बिक्री?
यह समझना जरूरी है कि 30 से 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी का आंकड़ा पुरानी मीडिया रिपोर्टों और कारोबारियों के अनुमानों पर आधारित है. इससे यह साबित नहीं होता कि हर साल पूरे गुजरात में बिक्री इसी दर से बढ़ती है. इसके लिए हर साल के तुलनात्मक बिक्री आंकड़ों और विश्वसनीय बाजार रिपोर्टों की जरूरत होगी.
निष्कर्ष: गुजरात में नवरात्रि के दौरान कंडोम की बिक्री बढ़ने के पीछे सामाजिक मेलजोल, सुरक्षित यौन संबंधों के प्रति जागरूकता, दुकानदारों की तैयारी और कंपनियों की मार्केटिंग जैसे कई कारण हो सकते हैं। लेकिन इस ट्रेंड को समझते समय पुराने आंकड़ों को वर्तमान स्थिति का प्रमाण मानने से बचना चाहिए.