नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नक्सल संगठन की पीएलजीए बटालियन नंबर-1 से जुड़े कुख्यात कमांडर देवा बारसे द्वारा अपने कई साथियों के साथ आत्मसमर्पण की खबर ने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन का ध्यान खींचा है। हालांकि पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी भी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
हैदराबाद पहुंचकर किया आत्मसमर्पण!
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, देवा बारसे अपने 20 से अधिक साथियों के साथ तेलंगाना के मुलुगु जिले के रास्ते हैदराबाद पहुंचा, जहां उसने पुलिस के समक्ष हथियार डाल दिए। बताया जा रहा है कि सभी नक्सली हथियारों के साथ पहुंचे थे और उन्होंने स्वेच्छा से सरेंडर की प्रक्रिया शुरू की। यह घटनाक्रम नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
तीन दिनों से बना हुआ है सस्पेंस
तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा से जुड़े इलाकों में बीते तीन दिनों से हलचल तेज है। सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी गतिविधियों के बीच यह चर्चा लगातार बनी हुई थी कि नक्सल संगठन के बड़े कैडर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। बारसे देवा का नाम लंबे समय से संगठन के शीर्ष कमांडरों में शामिल रहा है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
अब तक तेलंगाना पुलिस या राज्य प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अलग-अलग इनपुट्स में नक्सलियों की संख्या को लेकर भी विरोधाभास सामने आ रहे हैं। कहीं 12 से 15 तो कहीं 20 से अधिक नक्सलियों के शामिल होने की बात कही जा रही है।
हिरासत या सरेंडर? उठे सवाल
एक मानवाधिकार संगठन ने दावा किया है कि नक्सलियों को हिरासत में लिया गया है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जाना चाहिए। संगठन ने पूरे घटनाक्रम की पारदर्शिता की मांग करते हुए संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया है। फिलहाल, सभी की निगाहें प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि पर टिकी हैं।