मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से नक्सल मोर्चे को हिलाकर रख देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। केबी डिविजन में सालों से सक्रिय 77 लाख के इनामी कुख्यात नक्सली कबीर समेत 10 नक्सलियों ने शनिवार देर रात अचानक आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 6 पुरुष और 4 महिला नक्सली शामिल हैं। सभी को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस लाइन में रखा गया है। रविवार दोपहर मुख्यमंत्री के सामने आधिकारिक सरेंडर की तैयारी चल रही है।
हाई रिवॉर्ड नक्सली कबीर समेत 10 ने किया समर्पण
बालाघाट और आसपास के जंगलों में लंबे समय से सक्रिय नक्सली कबीर पर विभिन्न हमलों और हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के कारण कुल 77 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके साथ 9 और नक्सलियों का सरेंडर होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है। आधी रात को पहुंचे इन नक्सलियों ने बिना किसी प्रतिरोध के हथियार डाल दिए।
फॉरेस्ट गार्ड की मदद से ऑपरेशन सफल
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा ऑपरेशन एक फॉरेस्ट गार्ड की महत्वपूर्ण सूचना और सहयोग से संभव हुआ। नक्सली जंगल के सुरक्षित इलाकों से सीधे बालाघाट पहुंचे और वहां मौजूद अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस सरेंडर ने खुफिया ढांचे और स्थानीय नेटवर्क की सक्रियता को एक बार फिर मजबूत किया है।
पुलिस लाइन में अलर्ट, सुरक्षा बढ़ाई गई
सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को पुलिस लाइन में विशेष सुरक्षा के बीच रखा गया है। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरे परिसर में अलर्ट बढ़ा दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों का एक साथ सरेंडर होना क्षेत्र में सक्रिय समूहों को गहरा झटका देगा।
सीएम के सामने होगा औपचारिक सरेंडर
रविवार को दोपहर लगभग 2 बजे मुख्यमंत्री के बालाघाट पहुंचने की संभावना है। उनके सामने इन सभी नक्सलियों का औपचारिक आत्मसमर्पण कराया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रदेश की एंटी-नक्सल रणनीति में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।
टाइगर रिजर्व और बॉर्डर एरिया में कम होगी सक्रियता
सरेंडर करने वाले नक्सली छत्तीसगढ़ बॉर्डर से सटे जंगलों और कान्हा- बालाघाट टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सक्रिय थे। इनकी मौजूदगी से आदिवासी इलाकों में भय और असुरक्षा बनी रहती थी। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस कदम के बाद नक्सल गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आएगी।