दिल्ली-एनसीआर के विकास को नई दिशा देने वाला मास्टर प्लान 2041 जल्द हकीकत बन सकता है। नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की अहम बैठक में इस योजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस प्लान का मकसद तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी दबाव को संभालना है। अनुमान है कि आने वाले 10 से 15 वर्षों में एनसीआर की आबादी में करीब 3 करोड़ लोगों का इजाफा होगा। इसी को देखते हुए पूरे क्षेत्र के लिए नई विकास रणनीति तैयार की गई है।
30 मिनट में बड़े शहरों तक पहुंच
मास्टर प्लान 2041 का सबसे बड़ा लक्ष्य दिल्ली और एनसीआर के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम करना है। योजना के अनुसार गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद, सोनीपत और अन्य बड़े शहरों तक 30 मिनट के भीतर पहुंचने की सुविधा विकसित की जाएगी। इसके लिए नमो भारत ट्रेन, हाई-स्पीड रेल, ऑर्बिटल रेल नेटवर्क और आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही क्षेत्रीय यात्रा को आसान बनाने के लिए हेली-टैक्सी जैसी सेवाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
नमो भारत और रेल नेटवर्क को मिलेगी रफ्तार
एनसीआर को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए कई नए रैपिड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के बाद दिल्ली-अलवर, दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गाजियाबाद-नोएडा जैसे कई रूट्स पर नमो भारत ट्रेन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा लंबी दूरी की तेज रफ्तार ट्रेनों और ऑर्बिटल रेल नेटवर्क पर भी फोकस रहेगा। इससे लोगों को कम समय में एक शहर से दूसरे शहर पहुंचने में मदद मिलेगी और सड़क यातायात का दबाव भी घटेगा।
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बनेंगे नए स्मार्ट और ग्रीनफील्ड शहर
दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने के लिए 5 से 8 नए ग्रीनफील्ड शहर बसाने की योजना है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में विकसित होने वाले ये शहर पूरी तरह स्मार्ट और आत्मनिर्भर होंगे। यूपी में यमुना सिटी और न्यू नोएडा जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इन शहरों में पानी, बिजली, कचरा प्रबंधन और परिवहन जैसी सुविधाएं आधुनिक तकनीक के आधार पर विकसित की जाएंगी।
हाईस्पीड ट्रांजिट के आसपास होगा विकास
नई योजना के तहत रेलवे स्टेशन और रैपिड ट्रांजिट हब के आसपास ही आवासीय, व्यावसायिक और ऑफिस क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य लोगों को घर के पास ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और यात्रा का समय कम करना है। हरियाणा का पंचग्राम प्रोजेक्ट और यूपी का न्यू नोएडा भी इसी सोच का हिस्सा हैं। इससे रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
NCR का दायरा रहेगा पहले जैसा
हालांकि हरियाणा सरकार ने कुछ जिलों को एनसीआर से बाहर करने की मांग की थी, लेकिन फिलहाल इसके संकेत नहीं हैं। प्रस्तावित योजना के अनुसार एनसीआर का मौजूदा दायरा बरकरार रहेगा। करीब 58 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस शहरी क्लस्टर को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से विकसित किया जाएगा। यदि यह योजना लागू होती है तो आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर दुनिया के सबसे आधुनिक और बेहतर कनेक्टेड शहरी क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।