Mood of the Nation Survey---छात्र आंदोलनों और बदलते राजनीतिक माहौल के बीच अगर आज लोकसभा चुनाव हो जाएं तो देश का जनादेश किसके पक्ष में जाएगा? एक ताजा सर्वे ने इस सवाल की तस्वीर कुछ हद तक साफ करने की कोशिश की है। सर्वे के अनुमान के मुताबिक, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला NDA एक बार फिर बहुमत के आंकड़े से काफी आगे निकल सकता है। वहीं विपक्षी INDIA ब्लॉक भी मजबूत चुनौती पेश करता दिखाई दे रहा है।
NDA को 326 सीटें मिलने का अनुमान
मूड ऑफ द नेशन सर्वे के मुताबिक, लोकसभा की 543 सीटों में NDA को 326 सीटें मिलने का अनुमान है। इसके मुकाबले INDIA ब्लॉक के खाते में 185 और अन्य दलों को 32 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। पार्टी स्तर पर देखें तो बीजेपी को 261 और कांग्रेस को 106 सीटें मिलने का अनुमान सामने आया है।
वोट शेयर में भी NDA आगे
सर्वे के मुताबिक वोट शेयर के मामले में भी NDA बढ़त बनाए हुए है। NDA को करीब 45 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जबकि INDIA ब्लॉक को 39 फीसदी और अन्य दलों को 16 फीसदी वोट मिलने की संभावना जताई गई है। यानी सीटों के साथ-साथ वोट प्रतिशत में भी सत्तारूढ़ गठबंधन विपक्ष से आगे दिखाई दे रहा है।
यूपी में सीटों पर INDIA ब्लॉक को बढ़त
उत्तर प्रदेश में मुकाबला काफी करीबी रहने का अनुमान है। यहां NDA को 42 फीसदी और INDIA ब्लॉक को 40 फीसदी वोट मिल सकते हैं। हालांकि सीटों के अनुमान में तस्वीर बदल जाती है। सर्वे के मुताबिक INDIA ब्लॉक को 41 सीटें, जबकि NDA को 38 सीटें मिलने की संभावना है। महाराष्ट्र में NDA मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। यहां NDA को 49 फीसदी वोट और 31 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि INDIA ब्लॉक को 43 फीसदी वोट के साथ 17 सीटें मिल सकती हैं। पश्चिम बंगाल में NDA को 46 फीसदी वोट के साथ 35 सीटें मिलने का अनुमान है। पंजाब में इसके उलट INDIA ब्लॉक को 11 और NDA को सिर्फ 1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है।
PM पद के लिए मोदी पहली पसंद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता भी सर्वे में बरकरार दिखाई देती है। 49 फीसदी लोगों ने उन्हें अगले प्रधानमंत्री के तौर पर अपनी पहली पसंद बताया। राहुल गांधी को 27 फीसदी और तमिलनाडु के नेता सी. जोसेफ विजय को 9 फीसदी समर्थन मिलने का अनुमान है। वहीं मोदी सरकार के कामकाज को 51 फीसदी लोगों ने अच्छा बताया, जबकि 27 फीसदी ने इसे खराब माना।
‘एक देश, एक चुनाव’ को 70% समर्थन
सर्वे में ‘एक देश, एक चुनाव’ के मुद्दे पर भी लोगों की राय सामने आई। करीब 70 फीसदी लोगों ने इसका समर्थन किया, जबकि 24 फीसदी इसके खिलाफ नजर आए। वहीं 65 फीसदी लोगों ने दल-बदल विरोधी कानून को और मजबूत किए जाने की जरूरत बताई।
यह सर्वे 1 जुलाई से 25 अगस्त 2026 के बीच 25,184 लोगों की राय और पिछले 24 हफ्तों में जुटाए गए 91,795 लोगों के आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित बताया गया है। सर्वे में करीब 3 फीसदी का मोटा और 5 फीसदी तक का बारीक मार्जिन ऑफ एरर बताया गया है। हालांकि सर्वे के आंकड़े संभावित राजनीतिक रुझान दिखाते हैं, इन्हें वास्तविक चुनाव परिणाम नहीं माना जा सकता।