Chirag Paswan stormy entry: बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि राज्य में एक बार फिर NDA की मजबूत सरकार बन सकती है। रुझानों के अनुसार गठबंधन 200 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिसमें BJP सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है। वहीं चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने सभी को चौंकाते हुए उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। 29 सीटों पर उतरी लोजपा (आर) 21 सीटों पर आगे चल रही है, जो कि लगभग 73% स्ट्राइक रेट जैसा शानदार परिणाम दिखा रहा है। पीएम मोदी और नीतीश कुमार के नेतृत्व के साथ-साथ चिराग की भूमिका को भी NDA की इस सफलता में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कठिन सीटों पर चिराग का धमाकेदार प्रदर्शन
चिराग पासवान की पार्टी ने उन सीटों पर भी बढ़त बनाई है जिन्हें राजनीतिक विश्लेषक बेहद मुश्किल मानते थे। सिमरी बख्तियारपुर, बेलसंड, बहादुरगंज, परबत्ता से लेकर बोधगया और डेहरी तक कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां NDA का इतिहास कमजोर रहा है, लेकिन इस बार लोजपा (आर) ने मजबूत पकड़ बनाई है। कुछ सीटों पर तो NDA कई चुनावों से जीत नहीं पाई थी, लेकिन चिराग के उम्मीदवार आगे निकलते दिखाई दे रहे हैं। यह विशेष रूप से इसलिए भी अहम है क्योंकि कई जगह लोजपा पिछली बार तीसरे या चौथे स्थान पर थी।
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युवाओं का भरोसा और ‘बिहार फर्स्ट’ की गूंज
चुनावों में चिराग पासवान के ‘बिहार फर्स्ट’ के नारे और युवा नेतृत्व ने अलग ही छाप छोड़ी है। पिछली बार सिर्फ एक सीट पर सीमित रहने वाली पार्टी इस बार 21 से अधिक सीटों पर जीत की ओर बढ़ रही है, जो चिराग के बढ़ते जनाधार को दर्शाता है। लोजपा (आर) को खास तौर पर पिछड़े वर्ग से भरपूर समर्थन मिला है, और रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि चिराग अपने वोटबैंक को न सिर्फ बनाए रखने में सफल रहे, बल्कि उसे और मजबूत भी किया। कुल मिलाकर, NDA की भारी बढ़त के बीच चिराग पासवान इस चुनाव के असली विनर और बड़े चेहरे के रूप में उभरे हैं।