देश के कई एयरपोर्ट्स पर पिछले चार दिनों से जारी फ्लाइट कैंसलेशन का संकट गहराता जा रहा है। दिल्ली से मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु से कोलकाता तक यात्रियों की अफरातफरी थम नहीं रही। समय पर अपडेट न मिलने, घंटों लंबे इंतजार और लगातार बढ़ रही भीड़ के बीच उड्डयन मंत्रालय को खुद दखल देना पड़ा। हालात संभालने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, जबकि एयरलाइन ने ऑपरेशनल चेन में आई तकनीकी व स्टाफिंग दिक्कतों को जिम्मेदार ठहराया है।
संकट गहराया: हजारों यात्री फंसे, चार दिन से उड़े आरामदेह सफर के सर्किट
देश में हवाई यात्राओं के लिए सबसे व्यस्त समय में इंडिगो की लगातार कैंसिल हो रहीं उड़ानों ने यात्रियों की मुश्किल कई गुना बढ़ा दी है। सोमवार से शुरू हुआ यह संकट बुधवार तक आते-आते भयावह हो गया। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें बिना सूचना फ्लाइट रद्द मिल रही है, जबकि एयरपोर्ट पर घंटे भर की कतारें लगी हैं।
मंत्रालय का हस्तक्षेप: हालात सामान्य करने के लिए आदेश जारी
उड़ानों की बढ़ती अव्यवस्था को देखते हुए उड्डयन मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई निर्देश दिए—
रद्द उड़ानों का ऑटोमेटिक रिफंड अनिवार्य किया गया।
एयरलाइंस को समय पर अक्यूरेट अपडेट देने का आदेश।
फंसे यात्रियों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगों को फूड, होटल और विशेष सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश।
एक हाईलेवल कमेटी बनाई गई, जो वास्तविक तकनीकी व प्रशासनिक कारणों की जांच करेगी।
एयरलाइन का सफाई बयान: तकनीकी और स्टाफिंग मुद्दों को बताया कारण
एयरलाइन की ओर से जारी बयान में स्वीकार किया गया कि एक ही दिन में अचानक कई तकनीकी और स्टाफिंग दिक्कतें सामने आईं, जिससे ऑपरेशंस प्रभावित हुए। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि सेवाओं को सामान्य होने में कुछ दिन और लग सकते हैं। हालांकि यात्री अब भी इंतजार में खड़े हैं और कई एयरपोर्ट्स पर हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं।
दूसरी कंपनियों ने लपका मौका, रेलवे भी तैयार
फ्लाइट संकट के बीच अन्य एयरलाइंस ने अतिरिक्त उड़ानें चलाकर मौका भुनाने की कोशिश की है। वहीं रेलवे ने भी अतिरिक्त कोच जोड़कर यात्रियों का दबाव संभालने की तैयारी की है। लेकिन एयर ट्रैवल करने वाले अधिकांश लोग अभी भी अपनी यात्रा योजनाओं को लेकर असमंजस में हैं।