Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा का नाम देश-दुनिया में श्रद्धा और आध्यात्म से जुड़े लोगों के बीच बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। बाबा को हनुमान जी का भक्त और स्वरूप मानने वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। इन दिनों नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' भी चर्चा में है। फिल्म की सफलता के बीच उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कैंची धाम में भक्तों की भीड़ बढ़ी है। कैंची धाम बाबा से जुड़ा सबसे चर्चित स्थान जरूर है, लेकिन देश के कई दूसरे हिस्सों में भी उनके आश्रम, मंदिर और उनसे जुड़े पवित्र स्थल मौजूद हैं। इन जगहों पर सालभर श्रद्धालु पहुंचते हैं।
वृंदावन में है बाबा का महासमाधि मंदिर
नीम करोली बाबा का वृंदावन आश्रम उनके अनुयायियों के लिए बेहद खास माना जाता है। कहा जाता है कि बाबा ने कम उम्र में ही घर छोड़ दिया था और आध्यात्मिक यात्रा पर निकल पड़े थे। उत्तराखंड में लंबे समय तक रहने के बाद वह वृंदावन पहुंचे। बाबा ने वर्ष 1973 में वृंदावन में ही देह त्यागी थी। यही वजह है कि यहां स्थित उनका महासमाधि मंदिर श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र है।
लखनऊ में हनुमान सेतु परिसर में मंदिर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी नीम करोली बाबा से जुड़ा एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह हनुमान सेतु मंदिर परिसर में स्थित है। स्थानीय मान्यता के मुताबिक, बाबा ने यहां एक छोटे हनुमान मंदिर की स्थापना करवाई थी। बाद में उनके अनुयायियों ने इसी परिसर में नीम करोली बाबा की प्रतिमा स्थापित की। आज यह जगह बाबा के भक्तों के लिए श्रद्धा का महत्वपूर्ण केंद्र है।
दिल्ली में दो प्रमुख स्थान
नीम करोली बाबा के अनुयायियों के लिए दिल्ली भी खास स्थान रखती है। राजधानी में बाबा से जुड़े दो प्रमुख स्थल बताए जाते हैं। इनमें एक श्री हनुमान बिरला मंदिर के नाम से कश्मीरी गेट के आसपास सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित है। मान्यता है कि यमुना के समीप जमीन से प्राप्त एक प्राचीन हनुमान प्रतिमा को यहां स्थापित किया गया था। इसके अलावा महरौली-छतरपुर रोड पर भी नीम करोली बाबा का एक प्रसिद्ध आश्रम है। यहां दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद से भी भक्त पहुंचते हैं।
कानपुर से लेकर ऋषिकेश और शिमला तक फैली आस्था
नीम करोली बाबा से जुड़े धार्मिक स्थलों की सूची सिर्फ उत्तर भारत के कुछ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। कानपुर के पनकी हनुमान मंदिर में भी बाबा से जुड़ा पवित्र स्थल मौजूद है। वहीं ऋषिकेश में नीम करोली बाबा आश्रम और शिमला में स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर भी उनके अनुयायियों की आस्था से जुड़े प्रमुख स्थानों में शामिल हैं। उत्तराखंड में नैनीताल के कैंची धाम के अलावा काकड़ी घाट, भूमियाधार और हनुमान गढ़ी में भी बाबा से जुड़े मंदिर और धार्मिक स्थल बताए जाते हैं।
अकबरपुर में हुआ था जन्म
नीम करोली बाबा का जन्म उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में हुआ था। उनके पैतृक स्थान पर भी बाबा की स्मृति में एक पवित्र धाम बनाया गया है। यहां उनके अनुयायी दूर-दराज के इलाकों से पहुंचकर दर्शन और पूजा करते हैं। यानी नीम करोली बाबा के भक्तों के लिए कैंची धाम सबसे प्रसिद्ध पड़ाव जरूर है, लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों में फैले उनके आश्रम और मंदिर भी उनकी आध्यात्मिक विरासत से लोगों को जोड़ते हैं।