कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता का सबसे बड़ा आकर्षण भारत के नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अरशद नदीम की भिड़ंत होगी। दोनों एथलीट 12वीं बार एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरेंगे। एथलेटिक्स में भारत-पाकिस्तान की यह प्रतिद्वंद्विता पिछले कुछ वर्षों में सबसे चर्चित मुकाबलों में शामिल रही है।
क्यों खास है यह मुकाबला?
नीरज चोपड़ा ने 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में चोट के कारण नीरज हिस्सा नहीं ले सके थे। उस अवसर का फायदा उठाते हुए पाकिस्तान के अरशद नदीम ने स्वर्ण पदक जीतने के साथ नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया था। अब नीरज की वापसी के साथ दोनों के बीच मुकाबले को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।
आमने-सामने का रिकॉर्ड
अब तक दोनों खिलाड़ियों के बीच 11 मुकाबले हो चुके हैं, जिनमें नीरज चोपड़ा 10 बार अरशद नदीम से आगे रहे हैं, जबकि अरशद को केवल एक बार बढ़त मिली है। दोनों की पहली भिड़ंत 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में हुई थी, जहां नीरज ने स्वर्ण पदक जीता था और अरशद तीसरे स्थान पर रहे थे।
बड़े टूर्नामेंटों में नीरज का दबदबा
2016 एशियन जूनियर चैंपियनशिप, 2017 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप, 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स, 2018 एशियन गेम्स, टोक्यो ओलंपिक 2020 और विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 तथा 2023 में भी नीरज ने अरशद से बेहतर प्रदर्शन किया। इन प्रतियोगिताओं में नीरज ने कई बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि अरशद उनसे पीछे रहे।
पेरिस ओलंपिक में बदली थी तस्वीर
दोनों खिलाड़ियों की प्रतिद्वंद्विता में सबसे बड़ा बदलाव पेरिस ओलंपिक 2024 में देखने को मिला। इस प्रतियोगिता में अरशद नदीम ने स्वर्ण पदक जीतकर नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ा, जबकि नीरज रजत पदक के साथ दूसरे स्थान पर रहे। यह पहला बड़ा मौका था जब अरशद ने किसी प्रमुख वैश्विक प्रतियोगिता में नीरज पर बढ़त बनाई।
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अब नजर 12वीं भिड़ंत पर
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में दोनों खिलाड़ियों के बीच होने वाला मुकाबला सिर्फ पदक की लड़ाई नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही प्रतिद्वंद्विता का नया अध्याय भी होगा। खेल प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि नीरज अपना दबदबा कायम रखते हैं या अरशद नदीम एक बार फिर बड़ा उलटफेर करने में सफल होते हैं।