21 जून 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे का भोपाल मंडल पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों छात्रों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए रेलवे ने विशेष भीड़ प्रबंधन योजना लागू की है। भोपाल सहित पांच प्रमुख शहरों के रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा, पूछताछ केंद्र, बैरिकेडिंग और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
भोपाल समेत पांच शहरों में बढ़ेगी रेल यात्रियों की संख्या
रेलवे के अनुसार इस बार सबसे अधिक 13,774 परीक्षार्थी भोपाल में परीक्षा देंगे। इसके अलावा गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आवागमन को देखते हुए रेलवे ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है।
स्टेशनों पर लागू होगी विशेष भीड़ प्रबंधन योजना
परीक्षा के दिन स्टेशनों पर अचानक बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख स्टेशनों पर वाणिज्यिक विभाग, रेलवे सुरक्षा बल और परिचालन शाखा के अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। यात्रियों और छात्रों की मदद के लिए अतिरिक्त पूछताछ काउंटर भी बनाए जाएंगे।
बैरिकेडिंग और अनाउंसमेंट से मिलेगी मदद
रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसरों में बैरिकेडिंग और मार्गदर्शन बोर्ड लगाने का फैसला किया है, ताकि छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में आसानी हो। इसके अलावा ट्रेनों की जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देशों के लिए लगातार अनाउंसमेंट की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन में मदद मिलेगी।
परीक्षार्थियों की सुविधा को दी गई प्राथमिकता
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा देने आने वाले छात्रों और उनके परिजनों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा और सहयोग के लिए अतिरिक्त बल तैनात रहेगा। साथ ही रेलवे कर्मचारी छात्रों को आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन देने के लिए पूरे समय उपलब्ध रहेंगे।
सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा पर फोकस
रेलवे प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि NEET परीक्षा के लिए आने वाले अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए रेलवे, सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, ताकि परीक्षा के दिन स्टेशन परिसर में सुचारु व्यवस्था बनी रहे।